बरेली में बारिश और हवा ने बढ़ाई ठंड, आज भी रिमझिम के आसार

बरेली में सप्ताहभर से चटक धूप का आनंद ले रहे शहरवासियों के लिए शुक्रवार का दिन अलग रहा। धूप बादलों की ओट में छिपी रही। वसंत पंचमी पर दिनभर ऋतुराज और ठंड के बीच द्वंद्व जारी रहा। शाम चार बजे बारिश शुरू हुई तो ठंड ने बढ़त बना ली। देर रात तक हल्की और तेज बारिश होती रही। बेमौसम बारिश और हवा ने शीतलहर का अहसास कराया। शनिवार सुबह भी बादल छाए रहे। दिन में बारिश के आसार हैं।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, क्षोभमंडल तक बने निम्नदाब के क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक द्रोणी और उत्तर भारत से गुजर रही पश्चिमी उष्ण कटिबंधीय जेट स्ट्रीम के संयुक्त प्रभाव से बारिश हो रही है। शुक्रवार अपराह्न तीन बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी शाम सात बजे बारिश में तब्दील हो गई।

बारिश का दौर रात में भी रुक-रुक कर जारी रहा। इससे ठिठुरन बढ़ गई। अधिकतम तापमान चार डिग्री लुढ़ककर सामान्य 21.8 से दो डिग्री कम 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हवा में नमी सौ फीसदी रही।

झमाझम बारिश हुई तो फसलों को होगा नुकसान
बेमौसम बारिश से रबी फसलों (गेहूं, सरसों, चना) की पैदावार प्रभावित होने की आशंका रहती है। प्रगतिशील किसान सर्वेश के मुताबिक, हल्की बारिश से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, पर लगातार या तेज बारिश हुई तो फसल सड़ने, पैदावार घटने, दानों की गुणवत्ता खराब होने की आशंका रहती है। अधिक नमी से कीट और फंगस का खतरा बढ़ता है। इससे बचने के लिए किसानों को खेत में जलनिकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।

रविवार को खिलेगी धूप
विशेषज्ञ के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता बरकरार रहने पर शनिवार को भी रिमझिम के आसार हैं। इसके बाद रविवार को मौसम शुष्क हो जाएगा। धूप निकलने और उष्मीय विकिरण से न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री की बढ़त हो सकती है। शीतलहर से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना है। 26 जनवरी को तापमान में गिरावट होगी, पर ठिठुरन का अहसास कम होगा। 27 जनवरी से फिर बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान मामूली गिरावट के बावजूद सामान्य से ऊपर बना रहेगा।

48 घंटे में कोल्ड डायरिया पीड़ित सात बच्चे भर्ती
बीते दिनों कड़ाके की ठंड और सप्ताहभर से हो रही चटक धूप से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। मौसमी बदलाव से बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। 48 घंटे में गंभीर डायरिया की चपेट में रहे सात बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र के मुताबिक ठंड अब भी प्रभावी है। बच्चों को गर्म कपड़े, जूते-चप्पल पहनाएं और गुनगुना पानी पिलाएं।

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