बरेली जोन में कांवड़ यात्रा के दौरान रहेगी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और डीजीपी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी को लेकर एडीजी जोन रमित शर्मा ने सोमवार रात बरेली पुलिस लाइन में जोन स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। यहां बरेली के डीआईजी अजय कुमार साहनी व मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज गोबू के साथ ही जोन के सभी नौ जिलों के पुलिस अधीक्षक व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रात साढ़े दस बजे तक चली बैठक में एडीजी ने कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर अफसरों को निर्देश दिए।
एडीजी ने कहा कि जत्थों में महिलाएं भी रहेंगी, इसलिए सुरक्षा के सभी बेहतर विकल्प अपनाए जाएं। शिवालयों पर हर सोमवार खास सतर्कता बरती जाए। चोर उचक्कों व शोहदों से पुलिस सख्ती से निपटे। बैठक में यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए निर्देश दिए। साथ ही, भीड़ नियंत्रण और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पड़ोसी जिलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को प्राथमिकता दी गई।
बरेली में तीन दिवसीय उर्स भी
बरेली में कांवड़ यात्रा के दौरान तीन दिवसीय उर्स-ए-रिजवी का आयोजन होना है। इसके मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई गईं। यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाने के लिए कई उपाय सुझाए गए। इन आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए निर्देश दिए गए।
शिवभक्तों की मदद करेंगे स्वयं सेवक
नागरिक सुरक्षा विभाग की तरफ से सावन में श्रद्धालुओं की मदद के लिए विशेष पहल की जा रही है। इसके लिए कुल 642 स्वयंसेवक (वालंटियर्स) बनाए गए हैं। ये पांच तहसीलों में छोटे-बड़े शिवालयों व कांवड़ मार्गों की निगरानी करेंगे। भीड़ में इनको विशेष पहचान देने के लिए विभाग की तरफ से पीली जैकेट व आई कार्ड दिए गए हैं।
इनको तीन अलग-अलग शिफ्ट में स्वेच्छा से काम करना है। नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रभारी अधिकारी आरके मिश्रा ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 555 स्वयं सेवकों की सात प्रमुख नाथ मंदिरों में ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 87 में से 20 स्वयंसेवकों को गौरीशंकर धाम गुलड़िया व 67 स्वयं सेवकों को ग्रामीण व तहसील क्षेत्रों के अन्य मंदिरों में लगाया गया है।





