बदलते सुरक्षा परिवेश में ‘विद्वान योद्धा’ के रूप में नेतृत्व करें, एनडीए के दीक्षा समारोह में बोले UPSC चीफ

अजय कुमार ने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना करने वाले दूरदर्शी लोगों ने न केवल एक सैन्य अकादमी की कल्पना की थी, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र की एक ऐसी संरचना की कल्पना की थी जहां विवेक, ईमानदारी और वीरता एकजुट होकर ऐसे नेताओं का निर्माण करेंगे जो सीमाओं और आदर्शों दोनों की रक्षा करने में सक्षम हों

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) ने शनिवार को पुणे के खड़कवासला स्थित हबीबुल्लाह हाल में अपने 149वें कोर्स के लिए दीक्षा समारोह आयोजित किया। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक कैडेटों से तेजी से बदलते सुरक्षा परिवेश में ‘विद्वान योद्धा’ के रूप में नेतृत्व करने का आह्वान किया।

अजय कुमार ने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना करने वाले दूरदर्शी लोगों ने न केवल एक सैन्य अकादमी की कल्पना की थी, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र की एक ऐसी संरचना की कल्पना की थी जहां विवेक, ईमानदारी और वीरता एकजुट होकर ऐसे नेताओं का निर्माण करेंगे जो सीमाओं और आदर्शों दोनों की रक्षा करने में सक्षम होंगे।

‘आज, उनकी यह परिकल्पना आपमें साकार हो रही है। आप भारत के धर्मनिरपेक्ष और बहुलवादी मूल्यों के प्रतीक हैं। आप साहस, त्याग और सेवा पर आधारित एक महान विरासत के उत्तराधिकारी हैं।’

उन्होंने कहा, ‘आधुनिक संघर्ष केवल हथियारों से नहीं बल्कि विचारों, नवाचार और नैतिक दृढ़ विश्वास से लड़ा जाता है। भविष्य का युद्ध तकनीकी आधारित, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त प्रणालियों, नेटवर्क-केंद्रित आपरेशंस, साइबर और अंतरिक्ष-आधारित क्षमताओं से युक्त होगा।

आपको न केवल कल के तकनीकी रूप से मध्यस्थता वाले युद्ध के बीच अपनी चुनौतीपूर्ण व्यावसायिक भूमिकाओं का निर्वहन करने के लिए, बल्कि अपने करियर के विकास और व्यक्तिगत समृद्धि के लिए भी ज्ञान की आवश्यकता होगी।”

शनिवार को आयोजित दीक्षा समारोह के दौरान एनडीए से कुल 328 कैडेट उत्तीर्ण हुए। इनमें से 216 कैडेटों को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से स्नातक की उपाधि प्रदान की गई, जिनमें 72 कैडेट विज्ञान संकाय में, 92 कैडेट कंप्यूटर विज्ञान संकाय में और 52 कैडेट कला संकाय में शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, मित्र देशों के 18 कैडेटों को भी उपाधियां प्रदान की गईं। नौसेना और वायु सेना के कुल 112 बीटेक संकाय के कैडेटों को तीन वर्षीय पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इन कैडेटों को उनकी संबंधित पूर्व-कमीशन अकादमियों, भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला और वायु सेना अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षण का एक और वर्ष पूरा करने के बाद बीटेक की उपाधि प्रदान की जाएगी।

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