बड़े लेन-देन के लिए आवश्यक होगा आधार कार्ड का प्रयोग
सरकार इन दिनों एक नई योजना बना रही है, जिसका आप पर सीधा असर पड़ेगा। इसके तहत अगर आप सालाना अपने बैंक खाते में एक निश्चित राशि जमा करते हैं या निकालते हैं, तो आपके द्वारा सिर्फ पैन की जानकारी देना काफी नहीं होगा। इसके लिए सरकार आधार कार्ड को जरूरी बना सकती है। इस कदम से सरकार का उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था में करंसी के ज्यादा प्रवाह पर नकेल कसना है। इसके लिए आप बायोमेट्रिक टूल या वन टाइम पासवर्ड ( OTP ) का इस्तेमाल कर केवाईसी करवा सकते हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, इसका दायरा और भी बढ़ाया जाएगा। फाइनेंशल बिल में प्रस्तावित विधेयकों के अनुसार, इसमें सीमा से अधिक विदेशी करंसी की खरीद भी शामिल होगी। मौजदा समय में इसके लिए केवल पैन कार्ड ही दिया जाता है।
प्रॉपर्टी लेन-देन के मामले में भी जरूरी होगा आधार
इस संदर्भ में एक सूत्र ने बताया कि किसी निश्चित मूल्य के प्रॉपर्टी लेन-देन के मामले में भी केवल आपके आधार या पैन की जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के समय आधार के प्रमाणीकरण की भी जरूरत होगी।
छोटे लेन-देन करने वाले लोगों को नहीं होगी दिक्कत
सूत्रों की मानें तो इस व्यवस्था के तहत सरकार इस तरह से सीमा तय करना चाहती है, जिससे छोटे लेन-देन करने वाले लोगों को कोई दिक्कत न आए। बल्कि केवल ऐसे लोगों को ट्रैक किया जा सके जो एक निश्चित मूल्य से अधिक का लेन-देन करते हैं। फिलहाल इनपर काम करने की जरूरत है। लेकिन बायोमेट्रिक टूल या फिर ओटीपी की मदद से आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने से 10 से 25 लाख तक के लेन-देन का पता लगाया जा सकता है।
फर्जी पैन रखने वाले लोगों की होगी पहचान
इस व्यवस्था से ना सिर्फ तय सीमा से अधिक का लेन-देन करने वाले लोगों का पता चलेगा, बल्कि फर्जी पैन नंबर रखने वाले लोगों की पहचान भी हो सकेगी। इससे फ्रॉड को कम करने में मदद मिलेगी।