बच्चों के लिए सर्दी-खांसी में रामबाण है जायफल, जानें इस्तेमाल करने की विधि

जायफल की तासीर गर्म होती है। तासीर गर्म होने के कारण जायफल सर्दियों के लिए एक विशिष्ट औषधि है। भारत में मसालों के रूप में तथा आयुर्वेद में औषधि के रूप में जायफल का काफी इस्तेमाल होता है। जायफल कई रोगों में लाभप्रद है। आयुर्वेद के अनुसार जायफल एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। 

 

सिर दर्द

सिर में बहुत तेज दर्द हो रहा हो तो बस जायफल को पानी में घिस कर लगाएं।

हृदय को बनाए मजबूत

जायफल के चूर्ण को शहद के साथ खाने से ह्रदय मज़बूत होता है। पेट भी ठीक रहता है।

पेट में दर्द

पेट में दर्द होने पर चार से पांच बूंद जायफल का तेल चीनी के साथ लेने से आराम मिलता है।

सर्दी-खांसी

सर्दियों में होने वाले खांसी जुकाम, सांस फूलना, वात, कफ विकार में निर्दिष्ट मात्रा में लिया गया जायफल अत्यंत लाभकारी है।

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मिटाए चेहरे की झाईयां

त्वचा विकारों में भी एंटीएजिंग इफेक्ट के साथ झुर्रियां आदि को दूर करने में जायफल का लेप उबटन के साथ त्वचा को कांतिवान बनाता है।

बच्चों के लिए लाभदायक

सर्दियों में बच्चों को सीने में जायफल घिसकर मलने से राहत मिलती है तथा जायफल युक्त तेल से मालिश करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

हाजमा दुरुस्त रखे

पाचन क्रिया से संबंधित विकारों जैसे गैस, अपच, अफारा में जायफल का प्रयोग अदरक के साथ बहुत फायदेमंद है। जायफल पेट में उपस्थित पाचक एंजाइम को सक्रिय करता है, पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।

विभिन्न्न प्रयोग

खानपान के शौकीन लोगों के पकवानों में जायफल एक अभिन्न मसाला है, जिसका फ्लेवर भोजन को लजीज बनाता है। गर्म मसालों में भी जायफल का प्रयोग होता है। खड़े मसालों में जायफल एक विशेष सुगंध प्रदान करता है। जायफल युक्त तेलों और साबुनों की सौंदर्य प्रसाधनों में विशेष मांग है। इनके इस्तेमाल से त्वचा का रूखापन समाप्त हो जाता है।

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