बंगा के विधायक डॉ. सुक्खी ने छोड़ा कैबिनेट रैंक, सीएम मान के इस बयान से आहत होकर उठाया कदम

सीएम भगवंत मान ने कहा था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के मामले की जांच कर रही एसआईटी को बंगा के पास एक धार्मिक स्थान से 169 स्वरूप मिले हैं जिनमें से 139 का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है। इस बयान से डाॅ. सुक्खी आहत हैं।

बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने पंजाब स्टेट कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही कैबिनेट रैंक भी छोड़ दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के यह घोषणा करने के कुछ दिन बाद उन्होंने यह कदम उठाया है कि लापता 328 स्वरूपों में से 169 स्वरूप बंगा स्थित एक धार्मिक स्थल से बरामद किए गए हैं।

सोशल वीडियो पर एक वीडियो में डॉ. सुक्खी ने कहा कि राजा साहिब स्थान के प्रति उनकी गहरी आस्था है। नाभ कमल राजा साहिब मुझे शक्ति दें कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को यहां की सच्चाई बताने के साथ ही गिले-शिकवे मिटा सकूं। मैं लोगों की मदद से सभी भ्रम दूर करना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि नाभ कमल राजा साहिब के पवित्र स्थान पर आशीर्वाद लेने आ रहा हूं। कई साल से मैं यहां पर आता हूं। पिछले कुछ समय से ये अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि यहां पर भोग नहीं डाले जाते। पवित्र स्वरूपों की मर्यादा के अनुसार देख-रेख नहीं की जाती। इस कारण यहां संगत में काफी रोष है। जिस दिन यह आरोप लगाए गए थे उस दिन भी मैं यहां आया था। मैं यहां पछतावा करने आया हूं। पिछले दिनों इस दरबार के प्रति कई तरह के शक जाहिर किए गए थे। मेरे लिए राजा साहिब का दरबार राजनीति का घर नहीं है। कई लोगों ने यहां पर राजनीति की है। जो लोग गलत प्रचार कर रहे हैं उनके मन में परमात्मा का डर बैठे।

हाल ही सीएम भगवंत मान ने कहा था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के मामले की जांच कर रही एसआईटी को बंगा के पास एक धार्मिक स्थान से 169 स्वरूप मिले हैं जिनमें से 139 का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है।

वर्ष 2024 में डॉ. सुक्खी आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। हाल ही में उनकी सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर करके बताया गया था कि सुक्खी को लोगों ने शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर चुना था लेकिन उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली है और उन पर दल बदल कानून लागू होता है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था। याची ने याचिका देकर विधानसभा स्पीकर से सुक्खी की सदस्यता रद्द करने का आग्रह किया था।

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