‘फ्रैंक जे. मॉरस राष्ट्रीय पुरस्कार’ से नवाजे गये डा. जगदीश गाँधी

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी को शिक्षा में अभूतपूर्व योगदान हेतु प्रतिष्ठित ‘फ्रैंक जे. मॉरस राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। अभी हाल ही में मुंबई के बांद्रा स्थित अल्बोरियोन हॉल में सोसाइटी ऑफ सेंट पॉल के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में डा. गाँधी को 25,000 रूपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आर्किडोसिस के सहायक बिशप फादर जॉन रोड्रिग्स, फादर वर्गीस जिनेलियन, प्रोविन्सियल सुपीरियर एवं डा. स्नेहल पिन्टो, डायरेक्टर, रेयान इण्टरनेशनल गु्रप ऑफ इन्स्टीट्यूशन्स, मुंबई, समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
डॉ. गाँधी ने पुरस्कार की धनराशि रुपये 25,000 को गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए दान कर दी। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि इस प्रतिष्ठित अवार्ड के माध्यम से प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी द्वारा बच्चों के शिक्षा, उनके सर्वांगीण विकास, बाल अधिकारों, विश्व एकता एवं विश्व शान्ति हेतु किये जा रहे अथक प्रयासों को एक और सम्मान से नवाजा गया है, जो कि लखनऊवासियों के लिए गौरव की बात है। डा. गाँधी का सम्पूर्ण जीवन बच्चों के लिए समर्पित है अतः यह सम्मान उनके द्वारा विश्व के दो अरब से अधिक बच्चों हेतु सुरक्षित व शान्तिपूर्ण विश्व व्यवस्था की स्थापना को और गति प्रदान करेगा।

श्री शर्मा ने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, आचार्य विनोबा भावे तथा देश-विदेश के कई अन्य कई महान विभूतियों से प्रभावित होकर डॉ. जगदीश गाँधी ने एक अनूठी शिक्षा पद्धति के माध्यम से विश्व भर के बच्चों के मन-मस्तिष्क में बचपन से ही शांति एवं एकता के बीज बोने का संकल्प लिया। अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने 5 बच्चों एवं उधार के 300 रूपये की पूंजी के साथ, बिना किसी निजी सम्पत्ति के, वर्ष 1959 में लखनऊ शहर में सिटी मॉण्टेसरी स्कूल की नींव डाली, जिसमें वर्तमान में 56 हजार से अधिक बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्री शर्मा ने बताया कि डॉ. जगदीश गाँधी का प्रबल विश्वास है कि बच्चे ही दुनिया का भविष्य हैं और दुनिया को सुन्दर बनाने का सबसे अच्छा रास्ता यह है कि हम बच्चे को ही अच्छा बना दें, जिसके लिए डॉ. जगदीश गाँधी विगत 60 वर्षों से शिक्षा के माध्यम से अथक प्रयास कर रहे हैं। गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में एक ही शहर में सबसे अधिक बच्चे वाले स्कूल के रूप में दर्ज सिटी मोन्टेसरी स्कूल को वर्ष 2002 में यूनेस्को प्राइज फॉर पीस एजुकेशन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, डा. गाँधी को देश व विश्व स्तर पर अनेकों प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका ह

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