फायदे की जगह चेहरे का हो जाएगा बुरा हाल, भूलकर भी एक साथ न लगाएं ये 5 स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स

आजकल चमकती और बेदाग त्वचा पाने के लिए हम कई तरह के सीरम, एसिड और क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट की मिलती जानकारी के आधार पर हम अक्सर अलग-अलग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को मिक्स करने लगते हैं, यह सोचे बिना कि उनका कॉम्बिनेशन हमारी स्किन के लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है।
कुछ इंग्रीडिएंट्स का साथ में इस्तेमाल करना स्किन बैरियर को डैमेज कर सकता है। आइए जानते हैं वो कौन-से इंग्रीडिएंट्स हैं, जिन्हें एक साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
विटामिन-सी और रेटिनॉल
विटामिन-सी और रेटिनॉल दोनों ही स्किन केयर की दुनिया के सुपरहीरो माने जाते हैं, लेकिन इन्हें एक साथ लगाना एक बड़ी गलती है। विटामिन-सी सुबह के समय सूरज की किरणों से बचाने और ग्लो देने के लिए अच्छा होता है, जबकि रेटिनॉल रात में कोलाजन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, अगर आप इन्हें साथ मिलाते हैं, तो स्किन पर रेडनेस, बर्निंग और ड्राइनेस की समस्या हो सकती है।
रेटिनॉल और AHA/BHA
AHA, जैसे- ग्लाइकोलिक एसिड और BHA, जैसे- सैलिसिलिक एसिड का काम स्किन को एक्सफोलिएट करना होता है। रेटिनॉल भी सेल टर्नओवर को बढ़ाता है। जब आप इन दोनों इंग्रीएंट्स को मिलाते हैं, तो त्वचा की ऊपरी परत बहुत पतली हो सकती है। इससे स्किन में ओवर-एक्सफोलिएशन हो जाता है, जिससे चेहरा छिलने लगता है और सेंसिटिविटी बढ़ जाती है।
विटामिन-सी और AHA/BHA
विटामिन-सी एक अनस्टेबल एंटीऑक्सीडेंट है। जब इसे एसिडिक AHA या BHA के साथ मिलाया जाता है, तो यह विटामिन-सी के pH बैलेंस को बिगाड़ देता है। नतीजा यह होता है कि विटामिन-सी बेअसर हो जाता है और आपको उसका कोई फायदा नहीं मिलता। इसके अलावा, यह कॉम्बिनेशन सेंसिटिव स्किन पर दानों और खुजली का कारण बन सकता है।
बेंजोयल पेरोक्साइड और रेटिनॉल
अगर आप एक्ने से परेशान हैं, तो आप इन दोनों का नाम जरूर जानते होंगे, लेकिन इन्हें साथ में लगाना खतरनाक हो सकता है। ये एक-दूसरे के असर को खत्म कर देते हैं। बेंजोयल पेरोक्साइड रेटिनॉल को ऑक्सीडाइज कर देता है, जिससे त्वचा बुरी तरह सूख सकती है और एक्ने की समस्या कम होने के बजाय और बढ़ सकती है।
एक साथ दो अलग-अलग एसिड का इस्तेमाल
अक्सर लोग जल्दी रिजल्ट पाने के लिए ग्लाइकोलिक एसिड और सैलिसिलिक एसिड को एक ही समय पर लगा लेते हैं। यह आपकी त्वचा के पीएच लेवल को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। इससे स्किन बैरियर डैमेज हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया को त्वचा के अंदर जाने का रास्ता मिल जाता है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।





