पढ़िए शराबी का मजेदार किस्सा

शराबी सब्जी विक्रेता
समारू राम सब्जी मंडी से सब्जियाँ लाके गाँव के मार्किट में बेंचा करता था। एक दिन वो मंडी से अपने XL सुपर(एक तरह की दुपहियाँ वाहन) में दो केरेट सब्जी पिछली सीट में और दो बोरी में सब्जियाँ गाड़ी के आजू-बाजु लटका के ला रहा था। और उसने आज कुछ ज्यादा ही चढ़ा रखा था।
जैसे तैसे तो वो गाड़ी को लहराते हुए चलाते आ रहा था। लेकिन उसकी चेतना ज्यादा देर तक साथ नही दे पाया, और एक जगह वो गिर पड़ा। गाड़ी की रफ़्तार धीमी होने के कारन चोट तो उसे नही आया लेकिन उसके सब्जियाँ सड़क पर बिखर गयी।
आसपास के दुकानदारो ने उन्हें देखा तो उसकी तरफ दौड़ पड़े, किसी ने समारू को उठाया किसी ने उसके सुपर XL को और कुछ उसके सब्जियों को बीनने लगे। इस तरह लोगो ने मिलके उसकी हालात दुरुस्त किया। लेकिन वो इतने नशे में था की ठीक से खड़ा भी नही हो पा रहा था।
एक दुकानदार ने उसके गाड़ी को चालू करके समारू को गाड़ी पे बैठाया। समारू जैसे ही गाढ़ी भगानी शुरू की दो-तीन मीटर दूर जाते ही फिर गिर पड़ा। पहले जितने लोग मदद के लिए आये थे उनमे से आधे लोग वापस जा चुके थे। सिर्फ दो-तीन ही बचे थे।
इस बार उन लोगो ने फिर से गाड़ी उठाया, सब्जी उठाये फिर समारू को थोड़ी देर रुक जाने के लिए कहा, लेकिन समारू गाड़ी को छोड़ने को राजी न था उसने बड़े रौब से कहा की वो बड़े आराम से चल देगा। लोगो ने उसे गाड़ी थमा थी और वहा से चल दिए।

समारू २-४ मिनट गाड़ी में बैठा बडबडाता रहा। कुछ मिनटों बाद उसने एक्सेलरेटर घुमाया और गाड़ी चला दी। इस बार वो मुश्किल से २ या ३ मीटर गया होगा और फिर से गिर गया। देखने वालो और बाकि दुकानदरो ने सोचा ये बेवडा मानेगा नही इसके चक्कर में हमारे काम का नुकसान हो रहा है।
इस बार कोई नही गया उसे उठाने। उस वक़्त उधर से एक कार गुजर रहा था। कार वाले ने अपनी कार साइड में रोक कर कार से निकला और समारू की मदद करने लगा। उसने पहले तो उसकी गाड़ी उठाया फिर सब्जियां और फिर समारू को उसपे बिठाया। उसके बाद वो वहाँ से चला गया।
समारू पुनः अपने गाड़ी पे बैठा था। धीमे से इस बार भी चलानी चाही लेकिन गाड़ी जैसे उसके काबू से बाहर होने लगी इस बार वो गिरा तो नही लेकिन गाड़ी संभली नहीं और हौले हौले हिचकोले खाते हुए जमीन पे लेट गया। अब समारू का दिमाग घूम चूका था। उसने थोड़ी देर खड़े-खड़े गाढ़ी को देखा, जो जमीन पे लेटा था।
उसके बाद दो बैगन बोरी से निकाले। और गाड़ी की ओर देख के चिल्लाया
“साली बेईमान मुझसे दुश्मनी करेगी मेरा बात नही मानेगी”
और दोनों बैगन गाड़ी पे दे मारा। उसके बाद थोड़ी देर फिर बडबडाया और फिर चिल्लाया,
“कमीनी मैंने तुझे पेट्रोल पिलाया, तुझे पाला पोसा और आज मुझे बिच मझदार में धोखा दे रही है।”
और इस तरस से कई लाते उसपे बरसाने लगा। पूरा गुस्सा उतार लेने के बाद अब वो पैदल घर की तरफ चलने लगा था…

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