प्रोटीन की कमी वाले लोग सबसे कम कोलकाता में और सबसे ज्यादा लखनऊ में

लखनऊ: भारतीयों को रोजाना के भोजन में प्रोटीन की जरूरत के प्रति शिक्षित करने के अपने अभियान की दिशा में अग्रणी कंपनी प्रोटीनेक्स ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान प्रोटीन कैलकुलेटर लांच किया। आहार विशेषज्ञ, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों की लेखिका कविता देवगन द्वारा लांच किया गया यह प्रोटीन कैलकुलेटर रोजाना के भोजन में प्रोटीन की मात्रा की गणना करने का आसान माध्यम है। इसकी सहायता से प्रोटीन की जरूरत के मुताबिक खानपान में सुधार करना संभव होगा।

आईएमआरबी के हालिया सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में 73 प्रतिशत शहरी आबादी ऐसा भोजन करती है, जिसमें प्रोटीन कमी है, जिसमें 90 प्रतिशत की कमी के साथ लखनऊ की हालत सबसे खराब है। मुंबई में 70 प्रतिशत और दिल्ली में 60 प्रतिशत लोग प्रोटीन की कमी का शिकार हैं। कोलकाता में सबसे कम 43 प्रतिशत लोग प्रोटीन की कमी का शिकार हैं। कार्यक्रम के दौरान कविता देवगन ने उपस्थित लोगों को रोजाना के भोजन में सही मात्रा में प्रोटीन की जरूरत को लेकर जागरूक किया।

देवगन ने कहा, “प्रोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसके बारे में लोगों की समझ सबसे ज्यादा गलत है। लोगों को पता ही नहीं है कि केवल दाल, मछली या चिकन से रोजाना की प्रोटीन की न्यूनतम जरूरत पूरी नहीं हो सकती। एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना अपने वजन के अनुसार, करीब 1 ग्राम प्रति किलो वजन के औसत से प्रोटीन की जरूरत होती है। कभी-कभी अगर हम अपने भोजन को लेकर सतर्क नहीं हों या किसी प्रोटीन सप्लीमेंट का प्रयोग नहीं करें, तो इस जरूरत को पूरा करना मुश्किल हो जाता है।“

लॉन्चिंग के मौके पर डेनोन इंडिया के डायरेक्टर-मार्केटिंग, हिमांशु बक्शी ने कहा, “93 प्रतिशत भारतीय प्रोटीन की आदर्श जरूरत को लेकर जागरूक नहीं हैं और उन्हें लगता है कि उनके खानपान से उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिल जाता है। इसीलिए, हमने एक आसान प्रोटीन कैलकुलेटर बनाया है जो रोजाना के भोजन से मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा की गणना करने में भारतीयों की मदद करेगा। इसकी मदद से लोग अपने द्वारा लिए जा रहे प्रोटीन की मात्रा की गणना कर सकेंगे और कमी को पूरा करने के लिए अपने खानपान में जरूरी बदलाव कर सकेंगे; या सुविधाजनक तरीके से प्रोटीन की सही गुणवत्ता और मात्रा प्रदान करने वाले प्रोटीन सप्लीमेंट के जरिये इस कमी को पूरा कर सकेंगे।“

प्रोटीन कैलकुलेटर किसी व्यक्ति द्वारा दिनभर में ग्रहण किए गए प्रत्येक भोजन के आधार पर उसके द्वारा ग्रहण किए गए प्रोटीन की मात्रा बताता है। इसके साथ ही यह प्रोटीन की कमी के बारे में भी बताता है, जिससे भारतीय लोग रोजाना लिए जाने वाले प्रोटीन की मात्रा पर नजर रख सकें।

डेनोन इंडिया के न्यूट्रिशन साइंस व मेडिकल मामलों के प्रमुख डॉ. नंदन जोशी ने कहा, “भारत में भोजन में मिलने वाले प्रोटीन को लेकर लोगों के बीच कई भ्रम हैं। आईएमआरबी के सर्वेक्षण में सामने आया है कि 73 प्रतिशत भारतीय मानते हैं कि हरी पत्तेदार सब्जियां प्रोटीन की अच्छी स्रोत हैं। 29 प्रतिशत लोग सोचते हैं कि सामान्य खानपान रोजाना की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और 30 प्रतिशत लोग मानते हैं कि रोजाना एक अंडा पर्याप्त प्रोटीन दे सकता है। यह सभी धारणाएं सही नहीं हैं। यह हम सभी के लिए जरूरी है कि हम तेज प्रोटीन डिलीवरी के लिए हाइड्रोलाइज्ड या प्रीडाइजेस्टेड प्रोटीन आदि के जरिये रोजाना सही मात्रा एवं गुणवत्ता वाला प्रोटीन ग्रहण करें। प्रोटीन की जरूरत उम्र, लिंग, वजन और शारीरिक गतिविधियों के हिसाब से बदल जाती है।“

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