प्रदर्शनी में दिखे जीवन के रंग

लखनऊ। विलुप्त हो रही अजरक टेक्सटाइल प्रिटिंग एंव डाईंग की तकनीक को कलाकृतियों के माध्यम से जब पेश किया तो दर्शक कला के इस रूप के दीवाने हो गए। शनिवार को कला स्त्रोत आर्ट गैलेरी में कलाकार दिव्यांग रस्तोगी की एकल कला प्रदर्शनी का आयोजन समसारा शीर्षक से किया गया। जिसमें करीब 60 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी का उदघाटन फैशन डिजाइनर आस्मा हुसैन ने किया।
इस मौके पर फिल्म अभिनेता डॉ. अनिल रस्तोगी, रवि कपूर, पंकज गुप्ता, अनीस अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे। हस्तकला के नए प्रयोग प्रदर्शनी में कपड़ों की जगह कागज पर डाइंग और प्रिटिंग की गई। खास बात यह रही कि इसमें आर्गेनिक रंग का इस्तेमाल किया गया। जैसे हल्दी चूना, गोंद, अनार का छिलका, हल्दी समेत कई चीजों का प्रयोग किया गया। इस टेक्सटाइल प्रिटिंग व डाइंग की हस्तकला को नए प्रयोग के साथ प्रदर्शित किया गया जिसको देखकर हर कोई हैरान रह गया।
दिग्विजय सिंह ने की पीएम मोदी की तुलना हिटलर और मुसोलिनी से
प्रदर्शनी में जीवन के पंच तत्व को दिखाया गया। जिसमें पृथ्वी, जल आकाश को नए नजरिये के साथ दिखाया गया। फोटो नंबर एक इस पेंटिंग में आर्गेनिक कलर के साथ कागज पर वर्क किया गया। जिसमें एक हिरन के माध्यम से उसके जीवन के चक्र को दिखाया गया। जिसमें बताया गया कि पृथ्वी पर जो भी आता है वो अपने कर्म के हिसाब से जीता है। फोटो नंबर दो इस कलाकृति में पंच तत्व में ऐसे एक अग्नि को दिखाया गया जो समय के साथ किस तरह बदलता रहता है।
इस कलाकृति की खासियत यह है कि इसको इस्लामिक क्राफ्ट के अनुसार बनाया गया। इस कलाकृति में तीन बराबर की कलाकृतियों के जरिये दर्शको को समझाने का प्रयास किया गया। फोटो नंबर तीन इस कलाकृति में जीवन के दूसरे चरण को दिखाया गया जिसमे जन्म लेने के बाद इंसान किस तरह अपनी जीवन को संघर्ष के सहारे आगे बढ़ाता है। कबूतर के माध्यम से इंसान के जीवन में संघर्ष को बखूबी दिखाया गया।

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya
Back to top button