प्याज से रो रहे है लोग जाने…और कितना मंहगा होगा

प्याज ने लोगों का बजट और जायका दोनों बिगाड़ दिया है। ट्राइसिटी में प्याज का रिटेल मार्केट दाम 80 से बढ़कर 100 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। 20 रुपये तक रेट बढ़ने के पीछे थोक के भाव में 10 रुपये की वृद्धि होना बताया जा रहा है। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेकर 1.2 लाख टन प्याज मिस्र से आयात करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद भी प्याज की कीमतों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।

चंडीगढ़ शहर में सेक्टरों में लगने वाली अपनी मंडी में प्याज 100 रुपये प्रति किलो में बेंचा जा रहा है। जबकि शहर के आसपास लगने वाली साप्ताहिक मंडियों में 90 से 100 रुपये किलो में प्याज रिटेल के व्यवसायी बेच रहे हैं।

नो प्राफिट एंडनो लॉस के नहीं लग रहे स्टॉल

दीपावली से पूर्व प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सस्ती दरों पर स्टॉल लगाने के लिए प्रशासक ने निर्देश दिए थे। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट ने इसके बाद पांच स्थानों पर मौलीमाजरां, धनास, मलोया, राम दरबार और मनीमाजरा में नो प्राफिट एंड नो लॉस के स्टॉल लगाए थे। बाद में सेक्टर-26 में भी एक स्टॉल लगाया गया था।

धनास और बुड़ैल के लिए दो मोबाइल वैन के जरिए योजना के तहत प्याज का वितरण किया गया। योजना के तहत विभाग के द्वारा हर परिवार को आधार कार्ड दिखाने पर 32 रुपये की दर से हर सप्ताह दो किलो प्याज का दिया गया। कुछ समय बाद ही प्याज की कीमतें स्थिर होने पर यह स्टॉल बंद कर दिए गए। स्टॉल बंद होने के पीछे का कारण पूछे जाने पर फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि यूटी प्रशासन के निर्देश पर ही इन्हें बंद किया गया है।
सेक्टर-26 की मंडी में अभी तक बाहर से आने वाला आयातित प्याज पहुंच नहीं पाया है। डिमांड के अनुरूप प्याज की आवक नहीं होने के कारण रेट पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

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