पूर्व मंत्री के पोता पहले SP बनकर करता था फोन, फिर ड्राइवर बनकर जाता था पैसे लेने

  • जयपुर | स्पूफिंग कॉल कर जलदाय विभाग घूसकांड में आरोपी एसपीएमएल कंपनी के पदाधिकारियों और इंजीनियर से 10 करोड़ रुपए मांगने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। आरोपी साहिल ने इस मामले की जांच कर रहे एसीबी के एसपी शंकरदत्त शर्मा के नंबर का इस्तेमाल कर रसद विभाग के अफसरों सहित जलदाय विभाग के 15 अन्य इंजीनियरों से 20 करोड़ रुपए और मांगे थे। इनमें विभाग का एक चीफ इंजीनियर और दो एसई भी शामिल हैं। एसीबी ने साहिल को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
    पूर्व मंत्री के पोता पहले SP बनकर करता था फोन, फिर ड्राइवर बनकर जाता था पैसे लेने
    – प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह एसीबी का एसपी शंकरदत्त बनकर पैसे मांगता था और फिर उनका ड्राइवर बनकर पैसे लेने पहुंच जाता था। उसने खुलासा किया कि वह जलदाय विभाग के झुंझुनूं में कार्यरत एक्सईएन सीएल जाटव के वैशालीनगर स्थित घर पर 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेने के लिए एसपी शंकर दत्त शर्मा का ड्राइवर बनकर गया था। जबकि, उसने शंकर दत्त शर्मा के मोबाइल नंबर से स्पूफिंग कॉल कर रिश्वत मांगी थी। आराेपी ने अफसरों व इंजीनियरों को कॉल करने के लिए उनके नंबर विभाग की वेबसाइट से लिए थे। साहिल पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर का पोता है।

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    – गौरतलब है कि एसीबी ने साहिल राजपाल को एसपी शंकर दत्त शर्मा के नाम से जलदाय विभाग के एक्सईएन सीएल जाटव से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेने और एसपीएमएल के फरार रिषभ सेठी के रिश्तेदारों से केस से नाम हटाने के लिए 10 करोड़ रुपए की डिमांड करने की एवज में उसे गिरफ्तार किया था। अब 20 करोड़ रुपए मांगे जाने की यह नई जानकारी सामने आई है।
    – आरोपी साहिल से पूछताछ के दौरान स्पूफिंग कॉल का डेमो भी कराया गया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। एसीबी के आईजी सचिन मित्तल ने बताया कि जब मामले की जांच की गई तो 15 संदिग्ध नंबर मिले। उनमें एक साहिल राजपाल का भी था।
    – सभी नंबरों की डिटेल व आईपी एड्रेस की जानकारी के लिए फ्रांस की एक कंपनी संपर्क किया तो उसने रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद एक एयरसेल कंपनी से रिपोर्ट मिली तो एसीबी की जांच आगे बढ़ सकी।
     
    दो माह पहले ही पता चल गया था, सबूत जुटाने के लिए सर्विलांस पर रखा साहिल का मोबाइल
    – एसपी शंकर दत्त शर्मा के नाम से फर्जी कॉल करने की सीबीआई ने भी जांच की। एसीबी अफसरों ने सीबीआई से संपर्क किया और पत्र लिखकर रिकॉर्ड मांगा। सीबीआई ने एसीबी को रिकॉर्ड दिया था। एसीबी ने इसके आधार पर जांच शुरू की। 9 देशों की कंपनियों से रिकॉर्ड हासिल किया। साहिल का दो माह पहले ही पता चल गया था, लेकिन ठोस सबूत जुटाने के लिए उसके मोबाइल को सर्विलांस पर ले लिया।
     
    जिस विधायक आवास में रुका था, वहां मिलीं 34 शराब की बोतलें, इनमें कई बोतल विदेशी
    – एसीबी ने बुधवार को आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जालूपुरा स्थित एमएलए आवास की तलाशी ली तो वहां शराब की 34 बोतल मिली। इनमें विदेशी शराब भी है। एसीबी के अधिकारियों ने इसकी सूचना जालूपुरा थाना पुलिस काे दी। पुलिस ने शराब की बोतलें जब्त कर ली और साहिल पर अवैध रूप से शराब रखने का मामला दर्ज कर लिया। यह आवास विधायक मोहनलाल गुप्ता को अावंटित था। थाना प्रभारी लिखमाराम ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एसीबी की तरफ से मुकदमा दर्ज हुआ है।
     
     
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