पूर्व जज ने कसा तंज, कहा-जनता को रोटी नहीं दे सकते तो रामायण, महाभारत दिखाओ

न्यूज डेस्क

अपनी तीखी टिप्पणी की वजह से अक्सर विवादों में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू एक बार फिर चर्चा में हैें।

ट्विटर पर काटजू ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है- ‘रोमन सम्राट कहा करते थे कि अगर आप लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें सर्कस दे दो। वहीं हमारे आधुनिक भारतीय सम्राट कहते हैं कि अगर आप लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो उन्हें दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत दिखा दो। हरि ओम!!!

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ऐसा पहली बार नहीं है कि जस्टिस काटजू ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। इससे पहले भी कई बार वह सरकार के कामकाज पर निशाना साध चुके हैं, जिसकी वजह से वह ट्रोल भी हुए हैं। इस बार भी जस्टिस काटजू अपने इस ट्वीट के बाद कई यूजर्स के निशाने पर आ गए।

डॉक्टर पवन सिन्हा @ShriguruPawanji लिखते हैं, ‘जैसे जजों के पास छुट्टियां होती हैं। यह कठिन समय में मनोवैज्ञानिक उपचार की जरूरत के लिए ही हैं।’

दिनेश निषाद @dinesh_3007 लिखते हैं, ‘दूरदर्शन पर और भी पुराने नाटकों का प्रसारण हो रहा है। मगर इन्हें सिर्फ महाभारत और रामायण से समस्या है।’

ऐसे ही भारतीय हिंदू @wisernova नाम से एक यूजर लिखते हैं, ‘मुझे लगा कि जज बनने के लिए सामान्य ज्ञान अनिवार्य है। लगता है कि मैं गलत था।’

पंकज @prkgarg लिखते हैं, ‘सर आपको पेंशन समय से मिल रही है, थोड़ा शांत हो जाओ।’

तरुण @tarunsach 1 लिखते हैं, ‘आपने फिर निराश किया। पूछने के लिए क्षमा करें, मगर क्या आप अपनी उम्र के साथ पागल हो रहे हैं या ऐसी टिप्पणियां आसाइन किए गए कार्य या एजेंडे का हिस्सा हैं?’

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले महीने की 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन कर रखा है। जिसकी वजह से गरीबों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है। लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था को भी तगड़ी चोट पहुंचायी है। लॉकडाउन के बाद से मजदूरों का पलायन जारी है।

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वहीं लॉकलाडन की जब घोषणा हुई थी तो सूचना प्रसारण मंत्रालय ने दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत फिर दिखाने की घोषणा की। लॉकडाउन के बीच खुद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा था कि वो घर पर रामायण देख रहे हैं।

हालांकि सोशल मीडिया में बुरी तरह ट्रोल होने के बाद उन्होंने ट्वीट हटा लिया था।

3 मई को तालाबंदी का दूसरा चरण खत्म होने वाला है। जल्द ही पता चलेेगा कि सरकार लॉकडाउन में विस्तार देगी या खत्म करेगी। लेकिन इस 40 दिन के लॉकडाउन की वजह से देश की जनता के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। लाखोंं लोगों की नौकरियां चली गई है।

रोजगार ना होने के चलते सैकड़ों ऐसे वीडियो भी सामने आए जिसमें लोगों ने बंदी के बीच राशन ना होने की बात कही। हालांकि विभिन्न राज्यों सरकारों ने दावा किया कि उनके यहां प्रवासी मजदूरों के राशन का इंतजाम किया गया है।

लॉकडाउन से भारत में उद्योग जगत भी बुरी तरह प्रभावति हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के पहले 21 दिनों में देश में रिकॉर्ड 9-10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। संभवत: मौजूदा हालात को देखते हुए ही जस्टिस काटजू ने इस ट्वीट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।

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