पुणे के प्रसिद्ध दगडूसेठ हलवाई गणपति को 151 किलो का मोदक किया भेंट, जाने इस अनोखा मोदक की खासियत

देश में हर जगह गणपति महोत्सव की धूम है लेकिन महाराष्ट्र में तो इस उत्सव का नजारा ही कुछ और है। दस दिन तक चलने वाले इस उत्‍सव में हर कोई भगवान गणपति की पूजा अर्चना कर उन्‍हें प्रसन्‍न करने में लगा हुआ है जिससे हमेशा भगवान का आशीर्वाद उन पर बना रहे। भगवान को प्रसन्‍न करने के लिए पुणे के प्रसिद्ध दगडूसेठ हलवाई गणपति को एक भक्त ने 151 किलो का मोदक भेंट किया है। पुणे के मावल का रहने वाले इस भक्त ने अपने पूरे परिवार के साथ दगडूसेठ हलवाई गणपति के दर्शन किए और उन्हें ये अनोखा मोदक भेंट किया।

क्या है मोदक की खासियत

ये मोदक वजन में 151 किलो का है इसके ऊपर स्वास्तिक का चिह्नï बनाया गया है। पूरी तरह से खोये से तैयार किए गए इस मोदक को चांदी के वर्क और सूखी मेवाओं से सजाया गया है।

कैसे तैयार किया गया ये लड्डू 

इस मोदक को यहां के एक स्थानीय काका हलवाई ने आठ से दस कारीगरों के साथ मिलकर तैयार किया, इस मोदक को बनाने में आठ घंटे का समय लगा। ये हलवाई मोदक बनाने के लिए ही जाना जाता है।

पूरे परिवार सहित भेंट किया मोदक

मावल इलाके के रहने वाले इस भक्त ने अपने पूरे परिवार के साथ खास पूजा का आयोजन करवाया और विघ्नहर्ता के दर्शन कर उन्हें मोदक भेंट किया। इस परिवार का मानना है गणपति के आशीर्वाद से उनके परिवार में हमेशा सुख शांति हमेशा बनी रहेगी।

 पिछले वर्ष चढ़ाया गया था 200 किलो का लड्डू 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी दगडूसेठ हलवाई गणपति को किसी भक्त ने 200 किलो वजन का मोदक भेंट किया था। इस मंदिर में यहां काफी प्रसिद्ध, देश-विदेश से भी यहां लोग भगवान के दर्शनों के लिए आते हैं और मन्नत मांगते हैं।

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