पीने लायक नहीं पंजाब का दूध: सरकार के विशेष अभियान में लिए गए 33 फीसदी सैंपल फेल

खाने-पीने के लिए मशहूर पंजाब में बड़े स्तर पर दूध में मिलावट का खेल चल रहा है। हाल ही में सरकार ने विशेष अभियान चलाकर दूध के सैंपल लिए थे जिसमें से 33 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने चेतावनी दी है कि सूबे में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अब पनीर के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पंजाब ने 6 और 7 मई को दो दिवसीय राज्यस्तरीय दूध के सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया था। इस दौरान कुल 204 सैंपल एकत्र किए गए जिनमें से 68 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए जबकि एक सैंपल असुरक्षित भी पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वे सभी सैंपलों में मिलावट का पता लगाने के लिए मान्यता प्राप्त स्टेट फूड लैबोरेटरी से जांच करवा रहे हैं।

इसी तरह एफडीए पंजाब के कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ की निगरानी में सोमवार और मंगलवार को विशेष अभियान चलाकर पनीर के 211 सैंपल भी लिए गए जो जांच के लिए भेज दिए गए हैं। बराड़ ने कहा कि फूड सेफ्टी अधिकारी (एफएसओ) फूड बिजनेस ऑपरेटरों को स्वच्छता और उचित भंडारण संबंधी तरीकों के बारे में जागरूक भी कर रहे हैं।

पनीर में केमिकल तक का इस्तेमाल 

पनीर में मिलावट के लिए केमिकल तक का इस्तेमाल किया जा रहा है जो सेहत के लिए हानिकारक है। इसके अलावा इसमें आमतौर पर बड़ी मात्रा में स्टार्च और सुक्रोज से भी मिलावट की जा रही है।

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