पहले रोजगार छीना और अब जिंदगी

हेमेन्द्र त्रिपाठी
लॉकडाउन की वजह से लाखों मजदूरों का रोजगार चला गया जिसकी वजह से वो पलायन करने पर मजबूर हुए, जिसको जो मिला चल दिया। कुछ मजदूर सैकड़ों किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर रहे तो कुछ पैदल ही निकल पड़े अपने घरों की तरफ। लॉकडाउन के बीच इस तरह की इनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिन्होंने दिलोदिमाग को झकझोर कर रख दिया।
बिना कुछ सोचे समझे घर के लिए मजदूर इस बात से बेफिक्र थे कि रास्ते में क्या होगा। कुछ मिलेगा खाने को या नहीं कितने किलोमीटरों तक पैदल चलना पड़ेगा। इस लॉकडाउन के बीच जो सबसे बड़ी चीज टूटी है वो है हौसला। एक हौसला ही तो है जिसने इन मजदूरों को सैकड़ों किलोमीटर तक साहस दिया।
लेकिन क्या पता था कि आगे ये हौंसला उनका ये साथ छोड़ देगा। इस कठिन समय में ऊपर वाला भी उनपर तरस नहीं खा रहा। बीते कुछ दिनों से आये दिन हो रहे हादसों ने उन बेरोजगार मजदूरों की जिंदगी छीन ली जो इस लॉकडाउन के बीच पलायन कर रहे थे। देखा जाए तो पिछले दस दिनों में हुए कई हादसों की वजह से अब तक 99 मजदूरों की जान चली गई। जबकि करीब 93 मजदूर जख्मी हुए।
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कहां कहां हुए हादसे
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के औरैया जिले का है। यहां शनिवार सुबह एक ट्रक ने प्रवासी मजदूरों से भरी डीसीएम को टक्कर मार दी। इसमें 25 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हैं। घायलों को जिला अस्पताल व सैफ़ई पीजीआई भेजा गया है। इस घटना के बाद सूबे के सीएम ने गहरा दुःख जताया है। साथ मृतक मजदूरों के परिजनों को दो-दो लाख मुआवजा देने की बात कही है।

जबकि मध्य प्रदेश के गुना में एक बार फिर बीते रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में 3 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई. जोकि उत्तर प्रदेश के थे और मुंबई से अपने घर लौट रहे थे। ये सभी एक पिकअप वाहन में सवार थे जिसे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। वहीं इस हादसे में 15 मजदूर घायल हो गए हैं।
बात करें गुरुवार की तो गुना में ही हुए एक सड़क हादसे में 9 श्रमिकों की मौत हो गयी थी।श्रमिकों से भरे मिनी ट्रक में एक बस ने टक्कर मार दी थी। उस दुर्घटना में 7 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। जबकि करीब 55 मज़दूर घायल भी हो गए थे।
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इससे पहले बुधवार देर रात यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में एक रोडवेज बस ने पैदल जा रहे मजदूरों को कुचल दिया था। इसमें 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 4 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। मारे गए सभी मजदूर बिहार के गोपालगंज के रहने वाले थे, जोकि पंजाब से पैदल घर लौट रहे थे।

इसके अलावा 10 मई को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सड़क हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई थी।यहां नरसिंहपुर जिले के मुंहवानी थाने के पाठा गांव के पास आम से भरा ट्रक पलट गया। इसमें 20 मजदूर सवार थे, जो हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के एटा और झांसी जा रहे थे।इसमें घायल मजदूरों में दो की हालत अभी भी गंभीर है।
एक और हादसा महाराष्ट्र के औरंगाबाद में गुरुवार देर रात हुआ था इस रेल हादसे में 16 प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले सभी 16 मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। इनमें से 11 शहडोल जिले और 5 उमरिया जिले के थे। ये सभी मजदूर औरंगाबाद से मध्य प्रदेश स्थित अपने गृह जनपद के लिए ​पैदल ही निकले थे। करीब 40-45 किलोमीटर पैदल चलने के बाद ये सभी औरंगाबाद-जालना रेलवे ट्रैक पर सो रहे थे।

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