पश्चिम बंगाल में कमजोर नहीं होना चाहती टीएमसी, 646 ग्राम पंचायतों का होगा विकास

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आसन्न 2021 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी किसी भी तरह से जनता के बीच अपनी स्थिति कमजोर नहीं करना चाहती है। इसीलिए राज्यभर में 646 ऐसे ग्राम पंचायत क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है जहां विकास कार्यों में बहुत अधिक तेजी नहीं रही है। इन इलाकों में युद्ध स्तर पर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्देश मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया है।
सचिवालय सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल में 646 ग्राम पंचायत इलाके ऐसे हैं जहां सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं। इसकी वजह से तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने में विपक्षी भाजपा और अन्य पार्टियों को मौका मिल रहा है। इसकी सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐसे इलाकों की सूची बनाने का निर्देश दिया था जो विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं। इसके बाद राज्य पंचायत विभाग को इन इलाकों में विकास परियोजनाओं को दो महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
Also Read : बिहार विधानसभा चुनाव : पिछली बार दो सीट पर जीती थी कांग्रेस, इस बार क्या होगा
सूत्रों के अनुसार ग्रामीण विकास परियोजना के तहत क्षेत्रों को जो दो करोड़ रुपये की राशि पंचायत विभाग से मिलती है उसका इस्तेमाल अभी तक इन इलाकों में नहीं हो सका है। इसलिए सरकार की ओर से अग्रिम तौर पर आवंटित इस राशि के जरिए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्रों में कार्य निगरानी के लिए चार अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है।
इनका काम ना केवल विकास परियोजनाओं पर नजर रखना होगा बल्कि क्षेत्र में लोगों की जरूरतों के मुताबिक रिपोर्ट तैयार कर उसे राज्य सरकार को भेजना भी होगा। इसमें सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ शुद्ध जल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन का बिछाना और जल निकासी के लिए सीवर का निर्माण भी शामिल है।
The post पश्चिम बंगाल में कमजोर नहीं होना चाहती टीएमसी, 646 ग्राम पंचायतों का होगा विकास appeared first on Vishwavarta | Hindi News Paper & E-Paper.





