पश्चिम एशिया में तबाही: ईरान के राष्ट्रपति भवन पर इस्राइल का हमला

पश्चिम एशिया में तेज होती जंग के बीच इस्राइल ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति भवन पर जोरदार हमला किया। हिजबुल्ला के हमलों को रोकने के लिए इस्राइली सेना लेबनान में घुस गई है, कई चौकियों पर कब्जा जमा लिया है। ईरान ने भी अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। ईरान ने सऊदी अरब के साथ ही कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत को चेतावनी दी है कि अगर वे अमेरिकी सेना को बाहर नहीं करेंगे तो वह उन पर हमले तेज करेगा।

इस्राइली सेना ने कहा कि उसने ईरान के राष्ट्रपति भवन व सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इमारत पर बमबारी की है। इस्राइल व अमेरिका के हमलों से तेहरान में लगातार धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं। इस्राइल ने ईरान के कुम में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की उस इमारत को निशाना बनाया, जहां देश के नए सर्वोच्च नेता के चुनाव की प्रक्रिया से जुड़े काम होते हैं। तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान दिखा। ईरानी मीडिया ने बताया कि सभी भवनों को पहले ही खाली करा लिया गया था।

हमलों में अब तक 787 लोगों की मौत
तेहरान के एक प्रसारण केंद्र में दो धमाके हुए। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, हमलों में अब तक 787 लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हैं। दक्षिण-पूर्व में करमान वायुसेना अड्डे पर हुए हवाई हमलों में 13 ईरानी सैनिक भी मारे गए। ईरान ने पलटवार करते हुए रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन दागे, जिससे उसमें आग लग और उसे बंद कर दिया गया। यूएई के फुजैराल तेल उद्योग क्षेत्र में भी ड्रोन से हमला किया।

ईरान की बड़ी चेतावनी
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यूएई के सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, लेकिन तेल क्षेत्र में उसका मलबा गिरने से आग लग गई। हालांकि, इस पर तुरंत काबू पा लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज होर्मुज जलडमरूदमध्य से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे आग लगा दी जाएगी। इस्राइल में ईरानी हमलों में 11 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी सेना ने भी ईरान के हमलों में अपने छह सैनिकों के मारे जाने की बात कही है।

अमेरिका ने कई देशों में दूतावास खाली कराए
अमेरिका ने बहरीन, इराक और जॉर्डन से अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है। ईरान की ओर से हमलों का खतरा बढ़ने के कारण यह फैसला किया गया है।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को किसी भी विकल्प के जरिये खाड़ी के देशों से तुरंत बाहर निकल जाने को कहा है।
इन देशों में बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इस्राइल, वेस्ट बैंक और गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, यूएई और यमन शामिल हैं।

लेबनान में 30 हजार लोग राहत शिविरों में
इस्राइली सेना ने बेरूत में हिजबुल्ला के कमांड सेंटर और हथियार केंद्रों पर बमों की बरसात कर दी है। इस्राइल के संभावित हमलों को देखते हुए लेबनान ने अपने अग्रिम इलाके पहले ही खाली करा दिए थे। लेबनान में 30 हजार से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली हैं।

Back to top button