परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराने में मनम

 परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराने में मनमानी की जा रही है। पहले टेंडर के चक्कर में वितरण प्रक्रिया ठप थी। डीएम के आदेश पर प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन, मनमानी हावी है। मुख्यालय से किताबें बीआरसी तक पहुंचाई जा रही हैं। कहीं-कहीं न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों पर पहुंचा दी गई हैं। उसे स्कूल तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। शिक्षकों को वहीं से ले जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकि इसे स्कूलों को भिजवाना था। अफसर भी मूक बने हुए हैं।

छात्रों के लिए 24 लाख किताबों की जरूरत है। इसके लिए डिमांड भेजी गई थी। मार्च से अब तक 7 लाख 84 हजार 699 किताबों की आपूर्ति हो चुकी है। इसे स्कूलवार भेजना है। मुख्यालय पर किताबें रखवा ली जा रही हैं। सत्यापन कराने के बाद उसे ब्लॉकों पर भेजा जाता है। किताब अध्यापकों को स्कूल में मिलनी चाहिए लेकिन, यह ब्लॉक संसाधन केंद्रों व न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों पर ही डंप कर दी जा रही हैं। वहीं से किताबों को ले जाने के लिए कहा जा रहे हैं। अध्यापक किताबें ढो रहे हैं। इसको लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

– पाठ्य पुस्तकें बीआरसी व एनपीआरसी केंद्रों तक ही पहुंचाई जा रही है। शिक्षकों को वहीं से किताब उठाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। यह गलत है। शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है। अफसरों को संज्ञान लेना चाहिए, जिससे शिक्षकों का उत्पीड़न न हो। विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। यदि प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासनिक अधिकारियों की मदद लेंगे।

– वीरेंद्र त्रिपाठी, जिला मीडिया प्रभारी प्राथमिक शिक्षक संघ।

स्कूलों को भेजी जाएंगी किताबें

बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि किताबों को स्कूलों में पहुंचाना है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

Back to top button