पंजीकरण से मना करने वाली आधार एजेंसियों पर गिरेगी गाज

नई दिल्ली. देश में आधार नंबर जारी करने वाले प्राधिकरण यूआईडीएआई ने उससे जुड़ी पंजीकरण एजेंसियों को पंजीकरण नहीं करने के मामले में कड़ी चेतावनी देते हुये कहा है कि तकनीकी व्यावधान और ऐसे ही दूसरे बहाने बनाकर नागरिकों का पंजीकरण करने से इनकार करने को भ्रष्ट गतिविधि माना जाएगा। तय नियमों का उल्लंघन करने पर एजेंसियों पर जुर्माना और बार बार गड़बड़ी होने पर उन्हें काली सूची में डाला जा सकता है।
पंजीकरण से मना करने वाली आधार एजेंसियों पर गिरेगी गाज
 
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि हमें इस बारे में कई शिकायतें मिल रहीं हैं कि हमारी वेबसाइट पर सूचीबद्ध आधार पंजीकरण करने वाले केंद्रों पर पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। कोई न कोई बहाना बनाकर पंजीकरण करने से इनकार किया जा रहा है। इस तरह की बहानेबाजी भ्रष्ट गतिविधि मानी जाएगी।

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देशभर में आधार पंजीकरण कराने के लिये 25,000 केंद्र हैं। सरकार ने इन सभी केंद्रों को बाहरी और निजी कार्य स्थल से हटकर सरकारी और नगर निगम परिसरों में स्थानांतरित होने को कहा है। ऐसा होने पर ये एजेंसियां सीधे सरकारी निगरानी में आ जाएंगी।
 
10 हजार से 50 हजार तक हो सकता है जुर्माना

पांडे ने कहा कि इसकी कोई वजह नहीं है कि पंजीकरण एजेंसियां मशीन खराब होने अथवा तकनीकी खराबी होने का बहाना बनाकर लोगों का पंजीकरण न करें। ऑपरेटर ही हमारी वेबसाइट पर सेवाओं को सूचीबद्ध करता है। इसके अलावा प्रत्येक ऑपरेटर को हर 10 दिन में अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होता है।
 
इससे संकेत मिलता है कि वह कामकाज करने की स्थिति में हैं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी पर पहली बार में 10,000 रुपये और दूसरी बार करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद भी भ्रष्ट गतिविधि में लिप्त रहने वाली एजेंसी को काली सूची में डाल दिया जायेगा।
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