पंचकूला: 200 साल पुराने मोरनी हिल्स किले में खुला हरियाणा का पहला नेचर म्यूजियम


देश में पंचकूला जिले की शिवालिक पर्वत श्रृंखला मोरनी हिल्स के विकास में एक नया अध्याय जुड़ गया। वन मंत्री व लोक निर्माण मंत्री राव नरवीर सिंह ने इस इलाके में विकसित किए जा रहे खेड़ी बागड़ा में विश्व हर्बल फॉरेस्ट के महर्षि पतंजलि द्वार, मांधना में विश्व औषधीय वन बेल वाटिका, सीलो में कमलतास पार्क और लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से मोरनी किले के म्यूजियम व प्राकृतिक अध्ययन केन्द्र का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, लगभग 2.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जाने वाले लाल मुनिया फॉरेस्ट रेस्ट हाऊस की आधारशिला भी रखी।

आयूष विभाग औषधीय पौधों की प्रजातियां विकसित कर सकता है तो यहां पर पन बिजली, जैविक खेती, वन्य प्राणी संरक्षण की काफी योजनाएं चलाई जा सकती है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।





