नेचर से हैं प्यार तो जरूर जाएं झीलों और दिलकश वादियों के शहर ‘पोखरा’…

अगर आप नेचर लवर हैं और टूरिज्‍म के लिए किसी शानदार डेस्टिनेशन की तलाश में हैं तो आपको फिर एक बार ‘पोखरा’ जरूर जाना चाहिए। सेंट्रल नेपाल में फेवा झील के पास बसा है यह शहर। इसे हिमालय ट्रेल के अन्‍नपूर्णा सर्किट के गेटवे के तौर पर भी जाना जाता है। यहां की बेहद खास बात है यहां की झीलें, जो कि बहुत शांत हैं। इसके अलावा इन झीलों के किनारे आपको प्रकृति का ऐसा रूप देखने को मिलेगा कि मानों सारी खूबसूरत बस यहीं बसती हो। तो आइए जानते हैं कि ‘पोखरा’ की वो कौन सी सात जगहें हैं जहां हर कोई एक बार जरूर जाना चाहता है।
Begnas Lake
बेगनास लेक नेपाल की तीसरी और पोखरा वैली की दूसरी सबसे बड़ी लेक है। इसका साफ पानी और कलकल करता हुआ संगीत टूरिस्‍ट को खासा आकर्षित करता है। इस झील के किनारे हरे-भरे पेड़-पौधों के बीच खूबसूरत रिजॉर्ट्स भी बने हैं। इसके अलावा झील के पानी का इस्‍तेमाल फिशिंग और खेती के लिए भी किया जाता है।
Davi’s Fall
एयरपोर्ट से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरना काफी रहस्‍मयी कहा जाता है। बता दें इसका पानी किसी नदी या फिर लैगून में नहीं जाता है। इसके बजाए यह गायब होने और गुफाओं से गुजरने से पहले एक डार्क होल में गिरता है। यही वजह है कि टूरिस्‍ट्स को यह जगह काफी अट्रैक्‍ट करती है। दावी फाल के नाम के बारे में कहा जाता है कि एक बार एक स्विस महिला जिसका नाम दावी था। यहां उसकी स्‍वीमिंग के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद से ही इस फाल का नाम दावी पड़ गया।
Sarangkot
पोखरा के बाहरी इलाके में स्थित, शहर के शोर से दूर सारंगकोट का छोटा पहाड़ी गांव है। यहां जिधर भी देखेंगे हर तरफ प्रकृति मुस्‍कुराती हुई नजर आती है। इसके अलावा यहां वाइल्‍डलाइफ देखने का भी अनुभव होता है। सारंगकोट में तमाम तरह के पक्षियों का कलरव भी सुनने को मिलता है। बाघ, शेर और तेंदुओं को भी देखा जा सकता है। यानी कि यहां आपको प्रकृति के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं।
Phewa Lake
पेहवा लेक को पोखरा की सबसे लोकप्रिय झील के रूप में जाना जाता है। इस झील के आसपास आपको पर्वतों की चोटियां नजर आएंगी। झील का पानी बिल्‍कुल कांच की तरह साफ झलकता है। पर्यटक यहां बोटिंग करके झील की खूबसूरती को और भी करीब से देखते हैं।
Pokhara Shanti Stupa
‘पोखरा शांति स्‍तूप’ पेहवा के ऊपर एक संकरी चोटी के ऊपर गिरा हुआ चमचमाता सफेद विश्व शांति शिवालय है। बता दें कि गुंबद का निर्माण बौद्ध भिक्षुओं ने शांति के प्रतीक के रूप में किया था। स्तूप तक पहुँचने के तीन अलग-अलग रास्ते हैं। इसमें नाव के माध्यम से, जंगल के माध्यम से या फिर लंबी पैदल यात्रा से यहां पहुंचा जा सकता है। हालांकि यहां पहुंचने के लिए सबसे लोकप्रिय और प्रचलित तरीका नाव ही है। यहां पहाड़ी पर पहुंचने के बाद हिमालय और पोखरा घाटी के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं।

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