नहीं हैं दोनों हाथ लेकिन जुनून ऐसा, की 20 साल से लगातार कर रहे गुरुद्वारें में सेवा

श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर चंडीगढ़ के गुरुद्वारों में लाखों संगत ने लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। हजारों महिलाओं और पुरुषों ने गुरुद्वारा साहिब में सेवा की। शनिवार को गुरुद्वारा साहिब में रात एक बजे तक धार्मिक आयोजन चलता रहा। संगत की भारी भीड़ रही। सेवा करने वालों में किसी ने बर्तन धोया तो किसी ने लंगर को संगत के बीच परोसा।

 नहीं हैं दोनों हाथ लेकिन जुनून ऐसा, की 20 साल से लगातार कर रहे गुरुद्वारें में सेवा

वहीं, नगर निगम के सफाई कर्मचारी की सेवा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। सेक्टर-8 के गुरुद्वारा सहिब में लंगर की सेवा में लगे रहे। खौलता पानी हो या कोई अन्य सेवा पूरी तत्परता के साथ करते हैं। 

 नहीं हैं दोनों हाथ लेकिन जुनून ऐसा, की 20 साल से लगातार कर रहे गुरुद्वारें में सेवा

मोहिंदर सिंह बताते हैं कि वे जब किसी किसान के यहां काम करते थे तो उनका दोनों हाथ चारा मशीन में आ गया था। पहले बायां हाथ आया। बायां को बचाने में दायां भी कट गया। उस समय उनकी उम्र 12 वर्ष की थी। 
नहीं हैं दोनों हाथ लेकिन जुनून ऐसा, की 20 साल से लगातार कर रहे गुरुद्वारें में सेवा

मोहिंदर सिंह बताते हैं कि वे जब किसी किसान के यहां काम करते थे तो उनका दोनों हाथ चारा मशीन में आ गया था। पहले बायां हाथ आया। बायां को बचाने में दायां भी कट गया। उस समय उनकी उम्र 12 वर्ष की थी।

नहीं हैं दोनों हाथ लेकिन जुनून ऐसा, की 20 साल से लगातार कर रहे गुरुद्वारें में सेवा
वे नगर निगम की एमओएच विंग में कार्यरत है। सेक्टर-7 चंडीगढ़ में वे सफाई का काम करते हैं। मोहिंदर सिंह कहते हैं कि वे पिछले 1997 से ही गुरुद्वारा साहिब में सेवा करते आ रहे हैं। 

वे हरियाणा के जिले करनाल के रहने वाले हैं। उनके एक बेटा और बेटी व पत्नी हैं। उन्होंने कहा कि सावधानी से काम करते हैं कोई परेशानी नहीं आती है।

 
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