नये विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) को लेकर सरकार की सफायी,

लखनऊ सितंबर। उत्तर प्रदेश के नये विशेष सुरक्षा बल को लेकर मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने स्पष्ट किया है कि इस नयी फोर्स में कोई नया प्राविधान नहीं है, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को दी गई शक्तियों की तरह उप्र में गठित इस विशेष सुरक्षा बल को भी शक्तियां प्रदान की गयी है। इस नये फोर्स के गठन को लेकर उप्र के विपक्षी दल सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहें है।अवस्थी ने बताया है कि उप्र विशेष सुरक्षा बल, राज्य के मेट्रो रेल, न्यायालय, एयरपोर्ट, बैंक व अन्य वित्तीय संस्थानों आदि की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभायेगा।उप्र विशेष सुरक्षा बल अधिनियम की धारा-10 के अनुसार इस फोर्स का कोई सदस्य, किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना तथा किसी वारण्ट के बिना ऐसे किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है, जो फोर्स के कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुॅचाये, हमला करें, हमले की धमकी दे या आपराधिक बल आदि का प्रयोग करेगा।यदि किसी ने अपराध है तो अपराधी को निकल भागने या अपराध के साक्ष्य को छिपाने का अवसर दिये बिना उसकी तलाशी बिना वारंट के ली जा सकती है तथा उसकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को पुलिस अधिकारी को सौपना होगा या किसी पुलिस अधिकारी की अनुपस्थिति में गिरफ्तारी की परिस्थितियों को वर्णित करती हुयी रिपोर्ट के साथ निकटस्थ पुलिस थाने पर ले जाने की व्यवस्था की जायेगी।पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की ताकत सीमित है और उप्र में औद्योगिक इकाइयां बढ़ रही हैं और इन उद्योगों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है, विशेष बल के पास आरोपी को गिरफ्तार करने की शक्ति होनी चाहिए।

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पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह कहा कि राज्य के संवेदनशील स्थानों और स्टेशन पर दिन-प्रतिदिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शक्ति और अधिकार का कोई दुरुपयोग न हो।

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