देश में खत्म होगा एलपीजी संकट: रसोई गैस से लदे दो जहाजों ने होमुर्ज स्ट्रेट किया पार

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट पार कर एलपीजी (रसोई गैस) से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज शुक्रवार तक देश के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे। इन जहाजों में करीब 93 हजार टन एलपीजी है।

एलपीजी की आपूर्ति में होगी सहायता

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इससे एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इसके साथ ही दैनिक जागरण को सूचना मिली है कि पश्चिम एशिया विवाद के मद्देजनर हाल ही में भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से जो एलपीजी जहाज खरीदे हैं, वह भी अगले सात से 10 दिनों के भीतर भारतीय तटों पर पहुंचेंगे।

घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इन जहाजों का आगमन देश की दैनिक एलपीजी जरूरत को काफी हद तक पूरा करेगा।

शुक्रवार सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा जहाज

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 47,600 टन एलपीजी से लदा जहाज जग वसंत 26 मार्च यानी गुरुवार शाम तक कांडला बंदरगाह पहुंचेगा जबकि 45,000 टन एलपीजी से लदा पाइन गैस जहाज 27 मार्च यानी शुक्रवार सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा।

इन दोनों जहाजों ने होर्मुज से निकलते समय ईरानी तट के करीब से नया रूट अपनाया था और भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित निकले। जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं।

शर्मा ने स्पष्ट किया- “एलपीजी की स्थिति चिंताजनक जरूर है लेकिन घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है। पेट्रोकेमिकल्स और अन्य उत्पादों का उत्पादन रोककर रिफाइनरियों को एलपीजी पर ध्यान केंद्रित करने के आदेश दिए गए थे।”

उन्होंने बताया कि सभी रिफाइनरियां वर्तमान में उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त है। हमारे पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टाक है।

भारत में औसतन रोजाना 80 हजार से 90 हजार टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से सामान्य तौर पर 55-60 प्रतिशत (करीब 55 हजार टन) आयात से आती है, जबकि बाकी घरेलू उत्पादन से।

हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयात प्रभावित होने पर सरकार ने आठ मार्च को आपातकालीन आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया था।

उसके बाद से घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। अब रोजाना घरेलू उत्पादन 48 हजार टन से ज्यादा हो गया है, जो पहले करीब 35 हजार टन था।

पूरी बढ़ी हुई मात्रा घरेलू उपभोक्ताओं (यानी रसोई गैस सिलेंडर) के लिए ही जा रही है।इन दो जहाजों से आने वाली एलपीजी लगभग एक दिन की पूरी खपत के बराबर है। यह स्टाक सीधे रिफाइनरियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचेगा, जिससे बाजार में दबाव कम होगा।

साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी (होटल, रेस्टोरेंट आदि) की आपूर्ति भी धीरे-धीरे बहाल की जा रही है। सरकार ने पहले वाणिज्यिक उपयोग पर रोक लगाई थी, अब उसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है।

शर्मा ने अफवाहों पर रोक लगाते हुए कहा- “कोई पेट्रोल पंप बंद नहीं है। पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं। आम जनता घबराकर सिलेंडर बुकिंग न करे। होर्डिंग यानी जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर नजर रखी जा रही है।”

होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे

जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे हैं, जिनमें 540 नाविक हैं। ये सभी सुरक्षित हैं और दूतावास उनके संपर्क में है।

होर्मुज में पांच और एलपीजी जहाज हैं, जिनमें से एक के जल्द निकलने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द शेष बचे जहाजों के भी होर्मुज मार्ग से निकलने की पूरी संभावना है।

सरकार का जोर इस बात पर है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने और अमेरिका, आस्ट्रेलिया जैसे वैकल्पिक बाजारों से नई खरीद करने से आपूर्ति तेजी से बढ़े। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें। 25 दिन का बुकिंग गैप बनाए रखा गया है ताकि जमाखोरी रुके।

यह भी जानिये

एलपीजी घरेलू सिलेंडरों की मांग प्रतिदिन 55 लाख सिलेंडर है। इसकी ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी हुई है जो 84 से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है।
कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई मे भी सुधार हो रहा है। इसके कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत राज्यों को आवंटित किया जा रहा है। इस दौरान होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट व अस्पतालों को प्राथमिकता।
कामर्शियल एलपीजी के बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पीएनजी पर शिफ्ट किया गया। अकेले मार्च में ही 3.50 लाख से अधिक घरेलू व व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।
घरेलू पीएनजी व वाहनों में सीएनजी की आपूर्ति शत प्रतिशत की जा रही है। उद्योगों को अभी इसकी आपूर्ति करीब 80 प्रतिशत ही की जा रही है।
राज्यों को 48 हजार किलो लीटर केरोसीन तेल का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। इनमें से 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने अपना आवंटन ले भी लिया है।

एलपीजी की जमाखोरी-कालाबाजारी पर 642 एफआईआर, 155 गिरफ्तार

सरकार ने मंगलवार को बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए राज्यों भर में कार्रवाई जारी है और अब तक लगभग 642 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

कार्रवाई के तहत, पिछले 24 घंटों में देशभर में लगभग 3,400 जगहों पर छापे मारे गए और करीब 1,000 सिलिंडर जब्त किए गए। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देशभर में सभी रिटेल आउटलेट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

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