“देवनानी उड़ा रहे विधानसभा की गरिमा का मजाक”,सरकार पर गरजे पूर्व RTDC चेयरमैन राठौड़

अजमेर: पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देवनानी एक बड़ा संवैधानिक पद संभाल रहे हैं, लेकिन क्योंकि वे अजमेर से विधायक भी हैं, इसलिए जनता को उनके कामकाज पर सवाल पूछने का पूरा हक है।
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने आज एक प्रेस वार्ता कर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देवनानी एक संवैधानिक पद पर हैं, लेकिन अजमेर से विधायक होने के नाते जनता को उन पर सवाल उठाने का हक है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि देवनानी विधानसभा की गरिमा और निष्पक्षता को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इस पद का दुरुपयोग करके अपने ही पार्टी के नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि देवनानी के फैसले पक्षपात से भरे हुए हैं। पहले उन्होंने कांग्रेस के 6 विधायकों को निलंबित किया, फिर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर उनकी अनुपस्थिति में आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया कि जब लोकसभा अध्यक्ष राहुल गांधी की सदस्यता फौरन रद्द कर सकते हैं, तो फिर अंता से भाजपा विधायक कंवरपाल को 3 साल की सजा मिलने के बाद भी उनकी सदस्यता क्यों नहीं रद्द की गई? सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता नरेन्द्र बुढ़ानिया को विशेषाधिकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन सिर्फ 15 दिन में ही उन्हें हटा दिया गया। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि इतनी जल्दी समिति अध्यक्ष बदला गया हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देवनानी सिर्फ उद्घाटन और घोषणाएं कर रहे हैं, जबकि अजमेर में असली विकास नहीं हो रहा। बारिश में हर साल जलभराव की समस्या आती है, लेकिन नालों की सफाई या स्थायी समाधान नहीं किया गया। गर्मी में शहर पेयजल संकट से जूझ रहा है और लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, लेकिन सरकार समाधान देने में नाकाम रही है।
राठौड़ ने दावा किया कि दरगाह इलाके में वर्षों से रह रहे कुछ समुदायों को बेवजह बेघर करने की साजिश रची जा रही है। जमीनों का जबरन सर्वे कराकर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों और योजनाओं की खराब स्थिति का भी जिक्र किया। आरजीएचएस योजना में पर्चियां तक नहीं बन रही हैं और जेएलएन अस्पताल में गर्मी में मरीजों के लिए न पानी की सुविधा है, न पंखे-कूलर चल रहे हैं। अंत में, उन्होंने नाज होटल अग्निकांड के बाद होटल व्यवसायियों को बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया और कहा कि अवैध निर्माण नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है, लेकिन देवनानी इन सब पर चुप्पी साधे बैठे हैं। अजमेर नगर निगम का परिसीमन भी राजनीति से प्रेरित बताया गया, जिस पर कोई सुधार नहीं किया गया।
‘डिप्टी मेयर पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?’
पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि डिप्टी मेयर नीरज जैन ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राठौड़ का कहना है कि उन्होंने खुद इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत की थी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
इसके बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस मुद्दे पर अखबारों में छपी खबरों के साथ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। राठौड़ ने कहा कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार और प्रशासन अपने चहेते लोगों को बचाने में लगे हुए हैं और सच्चाई के साथ नहीं खड़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं मुकेश सबलानिया और शमशुद्दीन के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन डिप्टी मेयर नीरज जैन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो भाजपा के दोहरे मापदंड को दिखाता है।
मध्य प्रदेश के मंत्री का इस्तीफा बना भाजपा के लिए मुसीबत
राठौड़ ने मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरेशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें अब तक मंत्रिमंडल से नहीं हटाया। इससे भाजपा का असली चेहरा और रवैया जनता के सामने आ गया है।





