दिल्ली के बारापूला फ्लाईओवर पर अक्सर हादसे की खबरें आ रही सामने, जाने क्यों बढ़ रही हैं दुर्घटनाएं?

दिल्ली के बारापूला फ्लाईओवर पर अक्सर हादसे की खबरें सामने आ रही हैं. नोएडा से दिल्ली एम्स को जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर पर हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है. हादसों के लिए काफी हद तक ट्रैफिक व्यवस्था भी जिम्मेदार है. जहां से नोएडा से दिल्ली कनेक्ट होता है, वहां मौके पर न कोई पीसीआर वैन खड़ी रहती है, न ही कोई पुलिसकर्मी मौजूद रहता है.

अगर कोई गाड़ी गलत साइड से जाए तो भी वह आराम से जा सकता है. जाम से बचने के लिए हड़बड़ी में लोग बारापूला फ्लाईओवर से लाखों लोग गुजरते हैं. इस फ्लाईओवर पर कई जगह खतरनाक मोड़ हैं. फ्लाईओवर के बीच में खड़े होकर देखने पर पता चलता है कि दोनों तरफ डिवाइडर की दीवार काफी छोटी है, जैसे ही हादसा होता है, लोग पुल से सीधे नीचे गिर जाते हैं. नीचे इतनी गहरी खाई है कि गिरने के बाद बचने की गुंजाइश बेहद कम होती है.

हाल ही में 25 अगस्त को प्राइवेट कंपनी में बतौर मैनेजर काम करने वाला रोहित नाम का एक शख्स अपने दोस्त के साथ दिल्ली से नोएडा जा रहा था. बारापूला फ्लाईओवर पर अचानक उसकी स्कूटी डिवाइडर से टकराई और पीछे बैठा शख्स के साथ फ्लाईओवर से नीचे दोनों जा गिरे. रोहित के परिवार वालों का कहना है कि फ्लाईओवर के डिवाइडर को और ऊंचा किया जाना चाहिए. सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए, जिससे हादसे रोके जा सकें.

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में जहां 7 दुर्घटनाएं सामने आईं जिसमें लोगों को गंभीर चोटें आईं. 2 गंभीर दुर्घटनाओं में 2 लोगों की मौत हुई. जबकि साल 2019 में 8 दुर्घटनाएं हुईं जिसमें लोगों को गंभीर चोटें आईं. 2 गंभीर हादसे हुए जिनमें 3 लोगों की मौत हो गई.

ये ऐसे आंकड़े हैं जिनकी सूचना पुलिस को मिली लेकिन कई ऐसे मामले हैं जिनकी जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाती है. हादसों के अलावा इस फ्लाईओवर पर गोली मारकर लूट की भी कई वारदातें सामने आई हैं. ऐसे में दुर्घटना से बचने के लिए सरकार को उपाय पर जोर देना चाहिए और इस इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा देनी चाहिए.

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