दिल्ली के जाम से मिलेगी राहत: 62 बड़े जाम वाले पॉइंट चिह्नित, 160 से ज्यादा सुधार कार्य शुरू

दिल्ली में ट्रैफिक जाम और सड़क अव्यवस्था को कम करने के लिए एआई बड़ी भूमिका निभाएगा। दिल्ली में बड़े जाम वाले 62 पॉइंट चिह्नित किए गए हैं। उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को ट्रैफिक पुलिस की योजनाओं की समीक्षा की और एआई आधारित सिस्टम को मजबूती से लागू करने के निर्देश दिए। इस दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए जाएंगे। एलजी ने कहा है कि राजधानी की सड़कें सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ये पहल जरूरी है।

उप राज्यपाल ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कार्यों की समीक्षा की। बैठक में राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। इसमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने एलजी को बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 62 बड़े जाम वाले स्थानों की पहचान की है, जहां ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 160 से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर इंटरवेंशन शुरू किए गए हैं। इनमें सड़क सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने से जुड़े कई कदम शामिल हैं।

आईटीएमएस एआई तकनीक का होगा इस्तेमाल
बैठक में बताया गया कि इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिए एआई आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से ट्रैफिक की निगरानी, सिग्नल कंट्रोल और सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा ‘प्रोजेक्ट संगम’ के जरिए लोगों की शिकायतों और सुझावों को भी ट्रैफिक प्रबंधन से जोड़ा जाएगा, ताकि आम लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
उप राज्यपाल ने गलत दिशा में वाहन चलाने, अवैध पार्किंग और भारी वाहनों की गैरकानूनी एंट्री को गंभीर समस्या बताते हुए इनके खिलाफ मिशन मोड में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता अभियान और सख्त प्रवर्तन दोनों जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट सिस्टम देने के लिए तकनीक, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।

जाम कम, सड़के सुरक्षित करना लक्ष्य : एलजी
सरकार और ट्रैफिक पुलिस का लक्ष्य राजधानी में ऐसा ट्रैफिक सिस्टम तैयार करना है, जिससे जाम कम हो, सड़कें सुरक्षित बनें और लोगों को बेहतर सफर का अनुभव मिले।

Back to top button