दिल्लीवासियों को साल में न्यूनतम सौ दिन के रोजगार का वायदा किया जा सकता: कांग्रेस

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) की तरह की लुभावनी स्कीम पेश करने पर विचार कर रही है। इसके तहत दिल्लीवासियों को साल में न्यूनतम सौ दिन के रोजगार का वायदा किया जा सकता है।

इस योजना का खाका पूर्व में कांग्रेस सरकार की तरफ से केंद्र में पेश की गई मनरेगा योजना की तर्ज पर बनाया जा सकता है। योजना के तहत दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्र में इसे निम्न और मध्यम स्तर की नौकरियों के लिए पेश किया जा सकता है। कांग्रेस का मानना है कि रोजगार की अनिश्चितता के दौर में यह योजना उसके लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती है।
दरअसल, आम आदमी पार्टी दिल्ली के लोगों के लिए कई ‘मुफ्त सेवा’ की योजनाएं पेश कर चुकी है। इससे लोगों के बीच उसका जनाधार मजबूत होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं भाजपा की केंद्र सरकार भी दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने का मास्टर कार्ड खेल रही है।
ऐसे में कांग्रेस के सामने इन योजनाओं से कुछ बेहतर देने का दबाव बढ़ गया है। यही कारण है कि कांग्रेस दिल्ली में अपनी सफलता के लिए एक बार फिर अपनी फ्लैगशिप स्कीम की तरफ देख रही है।





