थकान और शरीर में दर्द, तो बड़े खतरे में हैं आप…

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थकान और शरीर में दर्द रहता है तो आप बड़े खतरे में हैं। ये जानलेवा बीमारी हो सकती है, जानिए बचने के कुछ चमत्कारी नुस्खे। अकसर सुनते हैं कि शराब पीने से लिवर खराब हो गया। लेकिन कई लोगों में बिना शराब पिए भी लिवर डैमेज होता है।थकान और शरीर में दर्द, तो बड़े खतरे में हैं आप...

ऐसे कई पेशेंट हैं, जो शराब बिल्कुल नहीं पीते, फिर भी शराबियों की तरह उनके लिवर में नुकसान पहुंचता है। इस बीमारी को नॉनएल्कोहिल्क फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) कहते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, आम लोगों में करीब 20-30 प्रतिशत इस बीमारी से पीड़ित होते हैं, जबकि चंडीगढ़ के लिए चौंकाने वाला आंकड़ा है। पीजीआई की एक स्टडी के मुताबिक, चंडीगढ़ में करीब 53 प्रतिशत लोग फैटी लिवर से पीड़ित हैं। यह काफी बड़ा आंकड़ा है। हालांकि अब तक स्टडी प्रकाशित नहीं हुई, पर शोधकर्ताओं ने स्टडी के मुख्य प्वाइंट को शेयर किए हैं। कुछ लोगों में फैटी लिवर के बाद लिवर फाइब्रोसिस होता है, जिसे नैश (एनएएसएच) कहते हैं।

साइलेंट किलर है, लक्षण कम दिखते हैं
पीजीआई के हीप्टोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रो. अजय डुसेजा के मुताबिक, आमतौर पर इसके लक्षण बहुत कॉमन हैं या फिर शुरुआती समय में दिखते नहीं। कई बार अल्ट्रासाउंड या ब्लड जांच में इसका पता लगता है। कई बार यह देखा गया है कि जब मरीज का लिवर काफी गंभीर बीमारी से ग्रसित होता है, तब जाकर इसकी जानकारी मिलती है। ऐसे में मरीज को चाहिए कि जब इस तरह के लक्षण आएं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

लीवर खराब होने के सामान्य लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके लक्षणों में थकान, पेट के राइट साइड में दर्द या शरीर में दर्द रहना, भूख न लगना, वजन कम होना, पीलिया, बुखार, कमजोरी, उल्टी, पेट में पानी भर जाना, खून की उलटियां होना, रंग काला होने लगना, पेशाब का रंग गहरा होना आदि। शुरुआती लक्षणों में मुख्य रूप से थकावट लगना। काम में मन न लगना जैसे होते हैं। इसलिए लोगों को पता नहीं चल पाता।

इस वजह से होता है फैटी लिवर
डा. डुसेजा ने बताया कि फैटी लिवर की मुख्य वजह मोटापा है। ओवरवेट, उच्च ब्लड शुगर, हाइपरटेंशन और ब्लड लिपिड ज्यादा होने से फैटी लिवर होने की संभावना रहती है। जब शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है और एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो फैट शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जमा होने लगता है। शरीर के दूसरे हिस्सों में जाने के अलावा फैट लिवर के अंदर भी जाता है। धीरे-धीर फैट लिवर में जमा होता और मरीज फैटी लिवर का शिकार हो जाता।

क्या है इसका इलाज
ब्लड प्रेशर, वजन, हाइपरटेंशन को कंट्रोल में रखें। एक्सरसाइज के बावजूद वजन कम नहीं होता तो उन्हें दवाएं दी जाती हैं। कुछ लोगों में एंडोस्कोपी कर पेट के अंदर गुब्बारा डाला जात है, जिससे व्यक्ति कम खाता है। कई मरीजों में बैराएट्रिक सर्जरी की जाती है, जिससे वजन कंट्रोल होता है। कुछ मरीजों में लिवर फाइब्रोसिस होता है तो उन्हें विशेष तरह की दवा दी जाती हैं।

फैटी लिवर कई तरह के होते हैं। कुछ कम तो कुछ में गंभीर। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे रिस्क फैक्टर को कंट्रोल में रखें और जरूरी टेस्ट करवाते रहें। जैसे कि अल्ट्रासाउंड व लिपिड प्रोफाइल।

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