तपिश में भूख प्यास से बेहाल घंटों इंतजार करते रहे परिक्रमार्थी

अवध धाम हनुमान मंडल की चौरासी कोसी परिक्रमा का दूसरा पड़ाव सरयू नदी तट स्थित जंबू घाट पर पड़ा। जहां पहुंचकर संत महात्माओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान करके मंदिर का दर्शन व रात्रि विश्राम किया।
वहीं धर्मार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंथ गयादास की अगुवाई में परिक्रमा कर रहे करीब पांच सौ परिक्रमार्थी नदी के उस पर ही रहे। कारण तेज हवा चलने से घाघरा नदी की उठती लहरों के चलते नदी में नाव नहीं चल पा रही। भूख प्यास से बेहाल श्रद्धालु 12 घंटा तक नदी के उस पार तपती रेत में पड़े रहे। शाम को हवा का रुख मंद पड़ने पर परिक्रमार्थी घाघरा नदी नाव से पार करके बहुअन मदार मांझा गांव पहुंचे। जहां पर चंद्रहास सिंह मंटू, मुन्नी देवी, राजकुमार आदि लोगों ने भोजन कराया।
महंथ गयादास ने कहा कि घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। वहीं हवा भी तेज चल रही है। जिसके चलते नदी में नाव नहीं चल पा रही थी। यहां पुल यदि बना होता तो श्रद्धालुओं को परेशानी न उठानी पड़ती। सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में चल रही परिक्रमा तुलसी जन्मभूमि राजापुर, सूकर खेत पसका होते हुए उमरीबेगमगंज के बखरिहा गांव में पड़ाव डालेगी। वहीं गयादास की अगुवाई में परिक्रमा ब्रहमचारी चौराहा चरसड़ी, जंबूघाट होते हुए गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर पहुंचकर रात्रि विश्राम करेगी। यहां सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष स्वामी भगवदाचार्य सभी परिक्रमार्थियों को भोजन कराएंगे। विहिप के सह प्रदेश मंत्री राकेश वर्मा ने भी परिक्रमार्थियों का स्वागत किया। इस मौके पर भरत गिरि, आदर्श श्रीवास्तव, रतुल सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।





