जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर योगी सरकार पर बरसीं महबूबा मुफ्ती

जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए इसे नफरत और बदले की राजनीति बताया। जंतर-मंतर और कश्मीर के प्रदर्शनों पर उनकी टिप्पणी को लेकर जम्मू-कश्मीर में सियासी विवाद तेज हो गया और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उनसे माफी की मांग।

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों पर कार्रवाई के आदेश को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान को निशाना बनाना नफरत और बदले की भावना को दर्शाता है।

महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षा के केंद्र को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से यूनिवर्सिटी के प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में खड़े होने की अपील की और कहा कि सरकारों को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।

उनका यह बयान रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने के आदेश के बाद आया है। प्राधिकरण ने यह कार्रवाई भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं होने और कथित अवैध निर्माण का हवाला देते हुए की है।

वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जब इन भवनों का निर्माण हुआ था, तब यह क्षेत्र आरडीए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था। हालांकि, प्राधिकरण ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक अधिनियम के तहत हुई थी। यह यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जमीन विवाद और कथित अनियमितताओं को लेकर कानूनी विवादों का सामना करती रही है।

महबूबा मुफ्ती के बयान पर सियासी घमासान
इस बीच महबूबा मुफ्ती के एक अन्य बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने उन पर कश्मीर के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को सही ठहराने का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की है।

महबूबा ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कहा था कि कश्मीर में हालात अलग थे क्योंकि वहां सुरक्षा बल आतंकवाद से लड़ रहे थे। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और कश्मीर में हुए प्रदर्शनों के बीच अंतर बताया था।

उनके इस बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती ने आम प्रदर्शनकारियों को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की है। एनसी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से माफी की मांग की।

अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने भी महबूबा मुफ्ती के बयान की आलोचना करते हुए वर्ष 2016 के कश्मीर हालात का जिक्र किया और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, पीडीपी नेताओं का कहना है कि महबूबा मुफ्ती के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। पार्टी ने आधिकारिक रूप से इस विवाद पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Back to top button