जीतनराम मांझी ने क्यों बदले तेवर?

जुबिली न्यूज डेस्क
बिहार में विधानसभा चुनाव में ज्यादा वक्त नहीं बचा है। हर दिन नेताओं का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। ऐसा ही कुछ पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के  अध्यक्ष जीतन राम मांझी के साथ हुआ है।
लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान के खिलाफ हमलावर रहने वाले जीतनराम मांझी का तेवर नरम हो गया है। एनडीए में शामिल होने के बाद भी चिराग पासवान को नसीहत देने वाले मांझी अब उन्हें घर का बच्चा कर रहे हैं।
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बुधवार को जीतन राम मांझी ने लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को दलितों का बड़ा नेता बताया तो साथ ही उनके बेटे चिराग पासवान को घर का बच्चा कहा। उन्होंने कहा कि हमारे पारिवारिक संबंध है। राजनीतिक मतभेद तो होते रहते हैं।
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ऐसा माना जा रहा है कि चिराग पर नरम पड़े मांझी पर यह मोदी-नड्डा इफेक्ट है। हाल ही में बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन वर्चुअल रैलिया हुई है, जिसमें उन्होंने एनडीए को एकजुट रहने का संदेश दिया था। इसके पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री आवास मे सीएम नीतीश कुमार से बात की थी, जिसमें चिराग के मुद्दे पर भी बात हुई थी।
इसके बाद से एनडीए में काफी बदलाव दिखा। गाहे-बगाहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगातार पत्र और वक्तव्य जारी कर घेर रहे चिराग पासवान के भी तेवर ढ़ीले पड़ गए थे। इस मीटिंग के बाद से चिराग पासवान ने साफ किया था कि उनका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोई मतभेद नहीं है।
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पासवान को बताया बड़ा नेता
हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा है कि रामविलास पासवान दलितों के बड़े नेता हैं। हां, उनसे कुछ गलतियां जरूर हुई हैं, जिसकी ओर मैंने इशारा किया था। अनुसूचित जाति एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट से जब फैसला आया था तब हम लोग रोड पर धरना पर बैठे थे। उस समय रामविलास जी ने कुछ बोला था, जिसकी हमने निंदा की थी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से गैर दलितों को आरक्षण की संविधान की नौंवी सूची में डाला गया उसी प्रकार sc/st एक्ट को भी संविधान की नौंवी सूची में शामिल करवाने के लिए रामविलास जी को कोशिश करनी चाहिए। इस समय वे इस हैसियत में हैं कि ऐसा कर सकते हैं मगर कर नहीं रहे हैं। मगर इसका यह मतलब कतई नहीं है कि मैं उनको बड़ा नेता नहीं मानता।
मालूम हो कि एनडीए में बिना शर्त शामिल हुए जीतनराम मांझी ने एनडीए में आते ही चिराग पासवान और रामविलास पासवान को निशाने पर लिया था।
एनडीए में शामिल होने पर हम की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में जारी पोस्टर में एनडीए के सभी बड़े नेताओं की तस्वीर थी मगर, रामविलास पासवान या चिराग पासवान की तस्वीर पोस्टर से गायब थी। इसके बाद मीडिया में पत्र जारी कर चिराग पासवान पर निशाना साधा गया था। मांझी ने यह ऐलान भी कर दिया था कि सीएम नीतीश कुमार पर हमला हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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