जानिये कैल्शियम की कमी से कौन-कौन से अंग होगे है प्रभावित

कैल्शियम की कमी को आमतौर पर हड्डियों से जोड़ा जाता है। मुख्य सवाल ये है कि क्या कैल्शियम की जरूरत सिर्फ आपकी हड्डियों को होती है? कई चीजे ऐसी हैं जिनकी हमे सुनी सुनाई जानकारी ही है लेकिन हम आपको बताएंगे कि अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है तो उससे हड्डियों के अलावा और किन शारीरिक अंगों को नुकसान हो सकता है।
हमारे शरीर में करीब 90% कैल्शियम हड्डियों और दांतों में पाया जाता है। मगर कैल्शियम हमारी कोशिका के लिए जरूरी है, खासकर हमारे नर्व्स, ब्लड, मसल्स और हार्ट के लिए ये बेहद जरूरी है। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन (IOF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आमतौर पर लोग कैल्शियम की उतनी खुराक नहीं लेते हैं, जितनी शरीर की हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
शरीर में अगर लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रही तो इसका सीधा असर दांतों और दिमाग पर पड़ता है। इसकी कमी से मोतियाबिंद और ओस्टीओपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। आपको कुछ खास चीजों पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि शुरुआती स्तर पर ही कैल्शियम की कमी के कोई लक्षण सामने नहीं आते। हालांकि हालत बुरी होने के साथ लक्षण भी विकसित होने लगते हैं। कैल्शियम की कमी का सबसे सामान्य लक्षण शरीर और जोड़ों में दर्द है।

ऑस्टियोपोरोसिस
इसमें बोन्स की मिनरल डेंसिटी कम हो जाती है और इस वजह से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। हड्डियों की डेंसिटी कम होने में सालों लगते हैं और कैल्शियम की कमी से कोई गंभीर खतरा होने में समय लगता है।

दर्दनाक पीरियड्स
2017 की एक स्टडी में दो महीने तक रोजाना 500 मिलीग्राम कैल्शियम लेने से मूड में इंप्रूवमेंट देखा गया। कई और स्टडीज में कैल्शियम इनटेक का पीरियड्स लक्षणों पर असर देखा जा चुका है। अध्ययन में शामिल वालों में डिप्रेशन, थकान और भूख में सुधार पाया गया था।

दांतो की समस्या
जब कैल्शियम की कमी होती है तो शरीर इसकी पूर्ति दांतों और हड्डियों से कर सकता है। इस वजह से दांतों की दिक्कतें शुरू होती हैं, जैसे कमजोर दांत, मसूड़ों में समस्या, दांतों में सड़न।
त्वचा और नाखूनों की समस्या
स्किन रूखी और लाल हो सकती है और उसमें खुजली हो सकती है। वहीं इसकी कमी से नाखून ड्राइ और इतने कमजोर हो सकते हैं कि खुद ब खुद टूटने लगें।
कैल्शियम के मुख्य कारण
ज्यादातर लोगों को उम्र बढ़ने के साथ कैल्शियम की कमी का खतरा होता है।
– बचपन में पर्याप्त कैल्शियम का सेवन न करना।
-कुछ दवाईयां, जिससे कैल्शियम का अवशोषण घट गया हो।
-कैल्शियम से भरपूर चीजों को पचा न पाना।
क्या खाएं

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकली, पत्ता गोभी और यहां तक कि भिंडी भी कैल्शियम का सर्वोत्तम सोर्स माने जाते हैं। अजवायन के फूल और पत्ती, तुलसी रोजाना इनमें से किसी का भी एक चम्मच सेवन कैल्शियम की जरूरत को पूरा कर सकता है। कैल्शियम के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स उत्तम सोर्स हैं इसलिए जो लोग दूध और दूध से बनीं चीजें ले सकते हैं। आपको रोजाना 2 से 3 बार कोई डेयरी उत्पाद लेना चाहिए।





