जानिए क्यों खाने से भी ज्‍यादा जरूरी है बेहतर नींद, अगर नही ली पूरी नीद तो आ सकती हैं मुश्किलें

बेहतर नींद – कहते हैं कि खाना और बेहतर नींद दोनों ही स्‍वस्‍थ रहने के लिए बहुत जरूरी होती हैं लेकिन आपको बता दें कि खाने से ज्‍यादा जरूरी अच्‍छी और पर्याप्‍त नींद लेना जरूरी है।

बेहतर नींद – कहते हैं कि खाना और बेहतर नींद दोनों ही स्‍वस्‍थ रहने के लिए बहुत जरूरी होती हैं लेकिन आपको बता दें कि खाने से ज्‍यादा जरूरी अच्‍छी और पर्याप्‍त नींद लेना जरूरी है।  जी हां, आपको ये बात जानकर थोड़ी हैरानी तो हो रही होगी कि भला सारी दुनिया हैल्‍दी फूड खाने की बात करती है आप हैल्‍दी नींद लेने की बात कर रहे हैं लेकिन मैं आपको बता दूं कि एक वक्‍त को आप कम खाना खाकर तो काम कर सकते हैं लेकिन अगर आपकी नींद पूरी ना हो तो ना तो आपका काम में मन लगता है और ना ही कुछ खाने का मन करता है।  रात को अच्‍छे से नींद ना आए तो सुबह उठकर मूड चिड़चिड़ा हो जाता है और ना तो कुछ काम करने का मन करता है और ना ही किसी से बात करने का, ऐसे में मन उदास और आलस महसूस करने लगता है।  आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा जब आप सुबह उठे और सुबह-सुबह ही किसी पर चिल्‍लाने लग गए या किसी से झगड़ा कर बैठे। खुद आपको भी इसकी वजह समझ नहीं आती तो मैं आपको बता दूं कि इसकी वजह रात को आपकी नींद का पूरा ना होना हो सकता है।  बेहतर नींद –  ऑफिस के तनाव और काम का असर भी नींद पर पड़ता है। एंप्‍लॉयर की ओर से अनुचित और अवास्‍तविक लक्ष्‍य देने की वजह से कर्मचारियों की नींद उड़ जाती है और इस वजह से उन्‍हें थकान, शारीरिक परेशानी, मनोवैज्ञानिक तनाव, प्रदर्शन में गिरावट और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां होती हैं और इस वजह से वो जरूरत से ज्‍यादा छुट्टियां लेने लगते हैं।  नींद में कमी की सालाना लागत 150 अरब डॉलर है क्योंकि इससे ऑफिस में काम करने की क्षमता घट जाती है। काम के दबाव, कॉम्पीयटिशन और खडूस बॉस की वजह से भी लोगों का शारीरिक और मा‍नसिक स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ रहा है। इतना ही नहीं नींद पूरी ना होने की वजह से मेटाबॉलिक सिंड्रोम के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसमें मधुमेह, हाई ब्‍लड प्रेशर, मोटापा और उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल आदि शामिल हैं। अवसाद, थकान और नींद विकार ऐसी स्थितियां या जोखिम हैं जो अकसर पुरानी बीमारियों से जुड़ी होती हैं।  आपको ये बात समझनी चाहिए कि सेहत है तो सब कुछ है और अगर आप स्‍वस्‍थ रहेंगें तो अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाएंगें इसलिए काम या अन्‍य किसी और चीज़ से पहले अपनी सेहत को अहमियत दें।  एक वक्‍त को आप खाना ना भी खाएं तो चलेगा लेकिन अगर आप एक दिन भी आप कम से कम 6 घंटे की बेहतर नींद नहीं लेते हैं तो इससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए मैंने कहा कि खाने से ज्‍यादा बेहतर सेहत के लिए नींद ज्‍यादा जरूरी है।  अब तो आपको अपने बिगड़े मूड की वजह और उपाय दोनों ही पता चल गए तो फिर बिना कोई देरी किए अपने शेड्यूल में ये बदलाव लाएं और स्‍वस्‍थ रहें।  खाने के साथ-साथ बेहतर नींद को भी वरीयता दें। ये दोनों ही उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी हैं इसलिए इन्‍हें नज़रअंदाज़ बिलकुल ना करें वरना इससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है।जी हां, आपको ये बात जानकर थोड़ी हैरानी तो हो रही होगी कि भला सारी दुनिया हैल्‍दी फूड खाने की बात करती है आप हैल्‍दी नींद लेने की बात कर रहे हैं लेकिन मैं आपको बता दूं कि एक वक्‍त को आप कम खाना खाकर तो काम कर सकते हैं लेकिन अगर आपकी नींद पूरी ना हो तो ना तो आपका काम में मन लगता है और ना ही कुछ खाने का मन करता है।

रात को अच्‍छे से नींद ना आए तो सुबह उठकर मूड चिड़चिड़ा हो जाता है और ना तो कुछ काम करने का मन करता है और ना ही किसी से बात करने का, ऐसे में मन उदास और आलस महसूस करने लगता है।

आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा जब आप सुबह उठे और सुबह-सुबह ही किसी पर चिल्‍लाने लग गए या किसी से झगड़ा कर बैठे। खुद आपको भी इसकी वजह समझ नहीं आती तो मैं आपको बता दूं कि इसकी वजह रात को आपकी नींद का पूरा ना होना हो सकता है।

बेहतर नींद –

ऑफिस के तनाव और काम का असर भी नींद पर पड़ता है। एंप्‍लॉयर की ओर से अनुचित और अवास्‍तविक लक्ष्‍य देने की वजह से कर्मचारियों की नींद उड़ जाती है और इस वजह से उन्‍हें थकान, शारीरिक परेशानी, मनोवैज्ञानिक तनाव, प्रदर्शन में गिरावट और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां होती हैं और इस वजह से वो जरूरत से ज्‍यादा छुट्टियां लेने लगते हैं।

नींद में कमी की सालाना लागत 150 अरब डॉलर है क्योंकि इससे ऑफिस में काम करने की क्षमता घट जाती है। काम के दबाव, कॉम्पीयटिशन और खडूस बॉस की वजह से भी लोगों का शारीरिक और मा‍नसिक स्‍वास्‍थ्‍य बिगड़ रहा है। इतना ही नहीं नींद पूरी ना होने की वजह से मेटाबॉलिक सिंड्रोम के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसमें मधुमेह, हाई ब्‍लड प्रेशर, मोटापा और उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल आदि शामिल हैं। अवसाद, थकान और नींद विकार ऐसी स्थितियां या जोखिम हैं जो अकसर पुरानी बीमारियों से जुड़ी होती हैं।

आपको ये बात समझनी चाहिए कि सेहत है तो सब कुछ है और अगर आप स्‍वस्‍थ रहेंगें तो अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाएंगें इसलिए काम या अन्‍य किसी और चीज़ से पहले अपनी सेहत को अहमियत दें।

एक वक्‍त को आप खाना ना भी खाएं तो चलेगा लेकिन अगर आप एक दिन भी आप कम से कम 6 घंटे की बेहतर नींद नहीं लेते हैं तो इससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए मैंने कहा कि खाने से ज्‍यादा बेहतर सेहत के लिए नींद ज्‍यादा जरूरी है।

अब तो आपको अपने बिगड़े मूड की वजह और उपाय दोनों ही पता चल गए तो फिर बिना कोई देरी किए अपने शेड्यूल में ये बदलाव लाएं और स्‍वस्‍थ रहें।

खाने के साथ-साथ बेहतर नींद को भी वरीयता दें। ये दोनों ही उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी हैं इसलिए इन्‍हें नज़रअंदाज़ बिलकुल ना करें वरना इससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है।

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