जर्मनी के रास्ते विदेश जाना हुआ आसान, खत्म हुआ ‘ट्रांजिट वीजा’ का झंझट

विदेश यात्रा के दौरान कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ना अक्सर स्ट्रेसफुल होता है और अगर सिर्फ हवाई अड्डे पर कुछ घंटे बिताने के लिए भी अलग से वीजा लेना पड़े, तो यह और भी परेशान करने वाला लगता है, लेकिन अब भारतीय यात्रियों के लिए यह चिंता हमेशा के लिए खत्म होने वाली है।
जी हां, जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को एक बड़ा तोहफा दिया है। सोमवार को हुई एक महत्वपूर्ण घोषणा के मुताबिक, अब जर्मनी के रास्ते सफर करते समय भारतीयों को ‘ट्रांजिट वीजा’ (German Transit Visa) के झंझट में नहीं पड़ना होगा। इसका सीधा मतलब है कि अब आपका सफर बिना किसी कागजी रुकावट के और भी ज्यादा स्मूथ हो जाएगा।
नहीं होगी ‘ट्रांजिट वीजा’ की जरूरत
ट्रांजिट वीजा एक तरह की अनुमति है (What is Transit Visa), जिसकी जरूरत तब पड़ती है जब आप किसी देश में घूमने या रहने नहीं जा रहे, बल्कि केवल वहां के हवाई अड्डे पर रुककर अपनी अगली कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ना चाहते हैं।
इस नए नियम का मतलब है कि अगर आप किसी दूसरे देश जा रहे हैं और आपकी फ्लाइट का लेओवर जर्मनी में है, तो आपको कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए किसी अलग वीजा की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अब आप बिना ट्रांजिट वीजा के जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट एरिया में रुक सकते हैं और अपनी अगली फ्लाइट ले सकते हैं। इस फैसले का मकसद भारतीयों के लिए यात्रा को आसान बनाना है।
पहले क्या होती थी परेशानी?
इस बदलाव से पहले नियम काफी सख्त थे। पहले भारतीय नागरिकों को फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या बर्लिन जैसे हवाई अड्डों पर केवल ट्रांजिट एरिया में रहने के लिए भी शेंगेन ट्रांजिट वीजा (जिसे कैटेगरी A वीजा भी कहा जाता है) लेना पड़ता था। भले ही यात्री जर्मनी के अंदर कदम न रखें, फिर भी उन्हें यह वीजा बनवाना पड़ता था, लेकिन अब इस झंझट से मुक्ति मिल गई है।
सावधानी है जरूरी
यह सुविधा केवल उन यात्रियों के लिए है जो जर्मनी के हवाई अड्डे से होकर किसी और देश जा रहे हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप हवाई अड्डे से बाहर निकलकर जर्मनी शहर में घूम सकते हैं।
यह सुविधा आपको जर्मनी में प्रवेश करने या वहां रहने की अनुमति नहीं देती है।
अगर आप ट्रैवल, बिजनेस या फैमिली से मिलने के लिए जर्मनी जा रहे हैं, तो आपको पहले की तरह ही वीजा लेना होगा।
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान घोषणा
यह अहम घोषणा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पहली भारत यात्रा के दौरान की गई। चांसलर मर्ज ने अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने इस फैसले के लिए चांसलर मर्ज का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और मजबूत करेगा।





