जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत के प्रथम यात्री बनेंगे स्कूली बच्चे

जम्मू से श्रीनगर के बीच 30 अप्रैल से चलने वाली वंदे भारत के प्रथम यात्री स्कूली बच्चे बनेंगे। उनकी खिलखिलाहट से पूरी ट्रेन गूंजेगी। इसके लिए रेलवे ने स्कूलों से संपर्क किया है। उनके साथ रेल कर्मियों के भी बच्चे होंगे।
रेलवे बच्चों की यात्रा के बाद आम यात्रियों के लिए रिजर्वेशन की सुविधा शुरू करेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जम्मूतवी रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित प्लेटफार्म नंबर छह-सात से 30 अप्रैल को वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर श्रीनगर के लिए रवाना करेंगे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद रहेंगे। स्थानीय सांसदों व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक पहले दिन स्कूली बच्चों के साथ विश्वविद्यालयों के छात्र, रेल कर्मियों के परिजन और उनके बच्चे भी बीस कोच वाली पहली वंदे भारत में सफर करेंगे। चर्चा है कि रेल मंत्री समेत अन्य अतिथि भी इस ऐतिहासिक यात्रा के गवाह बनेंगे। वे भी साथ में यात्रा करेंगे। मंगलवार को पूरे दिन उद्घाटन समारोह को लेकर तैयारियां होती रहीं। आयोजन स्थल प्लेटफार्म नंबर छह-सात पर साफ-सफाई के साथ ही इलेक्ट्रिक कार्य निपटाए गए। कोच इंडिकेटर, इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले, साइन बोर्ड आदि को फाइनल टच दिया गया। वाटर पोस्ट को सही करने के साथ ही जगह-जगह कूड़ेदान रखे गए।
परिवार के साथ पहुंचें रेलकर्मी : एनआरएमयू
नई चलने वाली इस वंदे भारत को लेकर रेलकर्मी भी काफी उत्साहित हैं। नॉर्दर्न रेलवे मजदूर यूनियन (एनआरएमयू) के शाखा अध्यक्ष हरपाल सिंह ने यूनियन के सदस्यों से अनुरोध किया है कि 30 अप्रैल को उद्घाटन समारोह में अपने परिजन के साथ पहुंचें। संभव हो तो बच्चों को साथ लेकर आएं।





