जमीन पर नहीं, हवा में लटके हैं इस होटल के अनोखे रूम्स

क्या आपने कभी पेड़ों के बीच हवा में लटके हुए लग्जरी रूम्स में रहने का सपना देखा है? जी हां, स्वीडन के लैपलैंड क्षेत्र में ऐसा ही होता है। हाराड्स गांव के पास स्थित ‘ट्री होटल’ अपनी अनोखी बनावट के लिए जाना जाता है। साल 2010 में ब्रिटा और केंट लिंडवैल ने इस होटल की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य लोगों को प्रकृति के बीच रहने का अनुभव देना और ईको-फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा देना था। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं इससे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।
होटल के पीछे की दिलचस्प कहानी
इस अनोखे होटल को बनाने का ख्याल केंट लिंडवैल को स्वीडिश डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द ट्री लवर’ देखने के बाद आया था। इसके बाद उन्होंने कई आर्किटेक्ट्स के साथ मिलकर इसे हकीकत में बदला। यह जगह आर्कटिक सर्कल के पास है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटक ‘नॉर्दर्न लाइट्स’ और ‘मिडनाइट सन’ जैसे अद्भुत नजारों का आनंद भी ले सकते हैं। यहां कमरे जमीन से 4 से 10 मीटर की ऊंचाई पर बनाए गए हैं और सबसे खास बात यह है कि इन्हें पेड़ों को जरा भी नुकसान पहुंचाए बिना डिजाइन किया गया है।
आठ अनोखे कमरे और उनकी खासियत
ट्री होटल में कुल आठ कमरे हैं और हर कमरे का डिजाइन एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। इनके नाम हैं- मिररक्यूब, बर्ड्स नेस्ट, यूएफओ, ब्लू कोन, द केबिन, ड्रैगनफ्लाई, 7वां रूम और बायोस्फीयर।
मिररक्यूब: यह शीशे से बना एक क्यूब है जो आसपास के जंगल में घुल-मिल जाता है।
यूएफओ: इसका डिजाइन उड़न तश्तरी जैसा है और इसका इंटीरियर 1970 के दशक की शैली पर आधारित है।
बायोस्फीयर: यह 34 वर्ग मीटर का ग्लास क्यूब है जिसे 350 बर्ड बॉक्स से ढका गया है। इसमें 360 डिग्री व्यू और रूफटॉप टेरेस की सुविधा है। यहां रुकने का न्यूनतम किराया 40 हजार रुपये है।
दुनिया के 1% खास होटलों में मिली जगह
होटल की मुख्य इमारत ‘ब्रिटा गेस्टहाउस’ है, जो पहले एक रिटायरमेंट होम हुआ करती थी। अब यहां चेक-इन, ब्रेकफास्ट और रेस्तरां की सुविधा मिलती है। इसका इंटीरियर 1930 से 1950 के दशक के ‘ग्रैंडमा-चिक’ स्टाइल में सजाया गया है, जो पेड़ों पर बने मॉडर्न कमरों से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। अपनी इन्ही खूबियों के कारण ट्रैवल प्लेटफॉर्म ट्रिपएडवाइजर ने इसे ‘ट्रैवलर्स चॉइस बेस्ट ऑफ द बेस्ट 2025’ की लिस्ट में शामिल किया है। यह सम्मान दुनिया भर के टॉप 1% होटलों को ही दिया जाता है।





