‘जन्नत’ को बचाने जन्नत ने की PM से मिलने की ख्वाहिश…

कश्मीर की जन्नत (डल झील) को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों में जुटी मात्र छह साल की जन्नत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेसब्री से घाटी आने का इंतजार कर रही है। जन्नत का मानना है कि स्वच्छता को सर्वोपरि मानने वाले प्रधानमंत्री मोदी ही डल झील का संरक्षण करने में उसकी मदद कर सकते हैं।
तीन फरवरी को कश्मीर आ रहे प्रधानमंत्री से मिलने का हालांकि जन्नत को अभी न्योता नहीं मिला है, लेकिन
उसका कहना है कि अगर उसे पीएम से मिलने दिया जाए तो वह डल झील के संरक्षण के लिए उसके और उसके पापा द्वारा तैयार किया गया रोडमैप सौंपेगी। डल झील से सटे गोल्डन डल इलाके में छोटे से हाउसबोट में रहने वाली जन्नत बीते एक वर्ष से डल की साफ सफाई में जुटी है। वह प्रतिदिन स्कूल से आकर अपने पिता के साथ छोटी सी किश्ती में बैठकर डल में पड़ी गंदगी को इकट्ठा कर उसे ठिकाने लगाती है। इस नन्ही बच्ची की स्वच्छता के प्रति लगन से प्रभावित होकर गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे ट्वीट कर शाबाशी दी थी। उन्होंने कहा था कि धरती का स्वर्ग कहलाने वाली घाटी सचमुच स्वर्ग बन जाएगी यदि हमारे स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जन्नत जैसी बच्ची आगे आएगी। अब जब से जन्नत ने प्रधानमंत्री के कश्मीर दौरे के बारे में सुना है तो वह उनकी प्रतीक्षा कर रही है।
वह प्रधानमंत्री को कहना चाहती है कि हमारी डल झील को गंदा होने से बचाएं। दुनिया भर से जो पर्यटक यहां आते हैं, उनकी डल झील का दीदार करने की इच्छा होती है, लेकिन हमारी लापरवाही से यह झील काफी प्रदूषित हो गई है। मेरे पापा एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह अकसर डल में बिखरी गंदगी को इकट्ठा करने के लिए बोट निकालते थे और उसमें गंदगी जमा कर डल के बाहर फेंक देते थे। मेरा भी मन किया कि हमारी इतनी प्यारी डल झील को साफ सुथरा होना चाहिए। लिहाजा मैंने भी अपने पापा के साथ हर रोज बोट में बैठकर डल से गंदगी साफ करना शुरू कर दिया।
जन्नतस मिशन डल लेक ए न्यू बिगिनिंग के नाम से जन्नत और उसके पिता तारिक अहमद पतलू एक अभियान चला रहे हैं। जन्नत के पिता का कहना है कि उन्होंने डल झील को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है और इसकी रिपोर्ट वह और जन्नत पीएम मोदी को सौंपना चाहते हैं।





