जंबूरी में झलका विविध भारत, वसुधैव कुटुम्बकम् का दिया संदेश

लखनऊ। वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड शुक्रवार को संस्कृति और उत्साह के भव्य संगम का केंद्र बन गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के समापन समारोह में देशभर से आए स्काउट्स-गाइड्स ने एक स्वर में एकता की मिसाल पेश की। समारोह के दौरान उपस्थित माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेल्यूट मार्च में शामिल होकर युवा ऊर्जा को सलामी दी।
करीब 100 एकड़ में फैले अटल स्टेडियम में राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही तालियों की गड़गड़ाहट और जयघोष गूंज उठा। इस दौरान लगभग 15 हजार स्काउट्स-गाइड्स ने तालमेल के साथ मार्च पास्ट कर राष्ट्रगौरव का परिचय दिया।

खास बात यह रही कि सलामी मार्च का नेतृत्व विदेशी प्रतिनिधियों ने किया। नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव और भूटान के स्काउट्स-गाइड्स एक साथ कदमताल करते हुए वैश्विक मित्रता का संदेश देते नजर आए।
समारोह में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक परिधानों और लोक-संस्कृतियों से सजी प्रस्तुतियों ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को जीवंत कर दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रस्तुतियां देखीं और सभी प्रदर्शनकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। 35 हजार की संख्या में शामिल स्काउट्स गाइड्स ने एक स्वर में जय भारत जय जंबूरी का नारा लगाया। (संवाद)

राष्ट्रपति से मिली प्रेरणा, घर के साथ देश भी संभाल सकती हैं लड़कियां
राष्ट्रपति जब मंच पर थी तो ऐसा लग रहा था कि युवतियां क्या नहीं कर सकती हैं। उन्हें पहली बार देखना और इतने करीब से सुनना। उनकी बातों ने जीवन में एक नई ऊर्जा को जन्म दिया है। राष्ट्रीय जंबूरी के इन पांच दिनों में बहुत कुछ सीखने और समझने का मौका दिया। यहां भावनाएं जुड़ी, एकता बढ़ी और विविधताओं के बीच में एकरूपता का संदेश मिला है। – मुस्कान, राजस्थान
देश के सर्वोच्च पद पर होने के बाद भी राष्ट्रपति मुर्मू बहुत नम्र है। उन्हें देखकर ऐसा लगा कि कोई सामान्य महिला हम लोगों के बीच में हो। उन्होंने एक-एक स्काउट गाइड का अभिवावदन किया। – विनिता कुमारी, झारखंड
राष्ट्रपति व इतने लोगों के बीच प्रस्तुति देना अपने आप में बड़ी बात है। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि राष्ट्रपति ने हमारी प्रस्तुति को देखा। राष्ट्रपति से यह संदेश मिला कि संविधान ने धर्म जाति, मजहब और रंग रूप के आधार पर भेदभाव नहीं करता है। आदिवासी समुदाय की महिला देश के सर्वोच्च पद पर हैं। – अनमोल दीप, पंजाब





