चेन्नई का बेंगलुरु के खिलाफ क्यों हुआ बुरा हाल? 5 बार की चैंपियन की हार के ये रहे कारण

आईपीएल इतिहास की सबसे कामयाब फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स आज संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है। कभी आईपीएल में चेन्नई से टीमें खौफ खाती थी लेकिन पिछले तीन सीजन से उनका वर्चस्व घटता हुआ दिख रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्हें 43 रनों से हार मिली। सीएसके के लिए आईपीएल 2026 अब तक निराशाजनक रहा है क्योंकि वे लगातार तीन मैच हार चुके हैं।
ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली टीम को पहले मैच में राजस्थान रॉयल्स ने बुरी तरह से हराया। उसके बाद पंजाब किंग्स ने 210 रनों का स्कोर चेज कर दिया। तीसरे मैच में बेंगलुरु ने पहले बैटिंग कर 250 रन ठोके और 43 रनों से हार थमा दी। ऐसे में आइए जानते हैं कि चेन्नई की बेंगलुरु के खिलाफ हार के क्या कारण हैं?
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स की हार के कारण-
1. गेंदबाजों ने जमकर लुटाए रन
आरसीबी के खिलाफ मैच में सीएसके के गेंदबाजों ने बेहद खराब गेंदबाजी की। उन्होंने शुरूआत में बल्लेबाजों पर थोड़ी नकेल कसी लेकिन मिडिल ओवरों में बेंगलुरु ने तेजी से रन बनाए। पावरप्ले में बेंगलुरु का रन रेट 8.50 रन प्रति ओवर रहा। मध्य के ओवरों यानी 7 से 15 ओवर के बीच गत विजेता की रन गति 11.33 की रही। मिडिल ओवरों से ही बेंगलुरु के बल्लेबाज चेन्नई के गेंदबाजों पर हावी होने लगे। उन्होंने आखिरी के 4 ओवर में 19.40 की गति से रन बनाए। अंशुल कंबोज ने टिम डेविड को क्लीन बोल्ड किया लेकिन वो नो-बॉल थी। इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा और डेविड ने 27 गेंदों पर 70 रन ठोक दिए।
2. ऋतुराज गायकवाड़ की खराब कप्तानी
बेंगलुरु के खिलाफ मैच में ऋतुराज गायकवाड़ की खराब कप्तानी भी हार का एक कारण रही। गायकवाड़ ने शिमव दुबे से दो ओवर की गेंदबाजी कराई, जहां उन्होंने 30 रन खर्चे। अनुभवी तेज गेंदबाज मैट हेनरी का ओवर बाकी रह गया और उन्होंने अपने 4 ओवर पूरे नहीं किए। दुबे को अपने पहले ओवर में सफलता जरूर मिली थी लेकिन दूसरा ओवर देना बड़ी चूक साबित हुई। इस ओवर में बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने 2 चौके और 2 छक्के जड़ रन गति को तेज करना शुरू कर दिया था।
युवा प्रशांत वीर को चेन्नई ने नीलामी में 14.2 करोड़ रुपए में टीम में शामिल किया था। उन्हें गायकवाड़ ने एक ओवर की भी गेंदबाजी नहीं दी। वीर को रवींद्र जडेजा के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में शामिल किया गया है लेकिन उन्होंने पंजाब के खिलाफ भी गेंदबाजी नहीं की थी और बेंगलुरु के खिलाफ भी मौका नहीं मिला। बल्लेबाजी में प्रशांत ने 43 रन बनाए। ऐसे में उनकी बॉलिंग भी आजमाई जा सकती थी।
3. चेन्नई का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फ्लॉप
डिफेंडिंग चैंपियन के 251 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई ने अपने टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को तीसरे ओवर में ही गंवा दिया था। उन्होंने 30 रनों के स्कोर पर तीन विकेट खो दिए थे। इसमें कप्तान ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और आयुष म्हात्रे का नाम शामिल है। शुरूआती विकेट खोने के बावजूद भी उन्होंने 207 रन बना डाले। ऐसे में अगर टॉप ऑर्डर से योगदान मिलता, तो सीएसके लक्ष्य के और करीब या जीत भी हासिल कर सकती थी।





