भारत में नहीं होगा G-20 सम्मेलन चुनाव बना रोड़ा, जापान करेगा मेजबानी

नई दिल्ली: G-20 सम्मेलन की मेजबानी करेगा जापान, भारत को करना होगा लंबा इंतजार| पीएम मोदी 2018 में देश में G-20 सम्मेलन की मेजबानी चाहते थे, लेकिन अर्जेटीना इसके लिए तैयार नहीं हुआ G-20 सम्मेलन की मेजबानी अब जापान करेगा… और एशिया की बारी आने तक भारत को इंतजार करना होगा भारत को मेजबानी करने के लिए इंडोनेशिया के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी
भारत में 2019- इलेक्शन के चलते एक विश्वस्तरीय सम्मेलन नहीं हो पाएगा… जबकि मोदी सरकार G-20 सम्मेलन की मेजबानी के लिए बहुत उत्सुक थी
सच यही है कि मोदी सरकार G-20 सम्मेलन की मेजबानी चाहती थी, लेकिन देश में 2019 में चुनावों के चलते संभव नहीं होगा.. वित्त मंत्रालय, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और श्रम मंत्रालय सम्मेलन को 2018 में लीड करना चाहते थे, लेकिन अर्जेटीना सहयोग करने को तैयार नहीं हुआ, जिस वजह से भारत G-20 सम्मेलन नहीं आयोजित कर पाएगा |
द्वारका में दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की ओर से आईटीपीओ के प्रगति मैदान की सुविधा के साथ ही ग्लोबल कन्वेंशन सेंटर की योजना बनाई गई है… सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार G-20 सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत को कुछ सालों तक इंतजार करना होगा… 2019 में जापान G-20 सम्मेलन की मेजबानी करेगा… कुछ सालों के इंतजार के बाद G-20 की मेजबानी के लिए भारत को इंडोनेशिया के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी |
एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा- भारत सरकार इस बड़े सम्मेलन को देश में करवाने के लिए आतुर है, खासकर जब भारतीय अर्थव्यवस्था चीनी अर्थव्यवस्था को टक्कर दे रही है… G-20 की मेजबानी का लक्ष्य देश में नौकरियां पैदा करना और देश में पर्यटन को बढ़ावा देना है… अभी देश में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर नहीं है… द्वारका में एक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है और देश में 2019 में चुनाव भी हैं…इसलिए, 2021-2022 में बैठक की मेजबानी करने के लिए यह सुरक्षित है |
एक अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा- जब भारत शीर्ष वैश्विक बैठक की मेजबानी करेगा और जिसमें ब्रिक्स देशों के नेता भी मौजूद होंगे, तब G-20 सम्मेलन के लिए विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर की जरूरत होगी… अथॉरिटी का कहना है कि गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कई खामियां नजर आई थी इसलिए बिना पूरी तैयारी के वे G-20 सम्मेलन की मेजबानी नहीं करना चाहते, हम काफी बेहतर करना चाहते हैं इसलिए इसे अभी स्थगित कर रहे हैं |
प्रगति मैदान में जो कन्वेंशन सेंटर बन रहा है वह अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है, क्योंकि विश्व नेताओं के आगमन के हिसाब से ट्रैफिक-व्यवस्था अभी दुरुस्त नहीं हो पाई है अभी उस पर काम चल रहा है… G-20 सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए विज्ञान भवन अपर्याप्त है, क्योंकि विश्व के बड़े नेताओं की भारी-भरकम सुरक्षा व्यवस्था को मद्दनेजर रखते हुए मौजूदा व्यवस्था अपर्याप्त है… और एयरक्राफ्ट की पार्किंग व्यवस्था पर भी काम बाकी है… केन्या, स्पेन औरनीदरलैंड आदि देशों के प्रमुख विशेष रूप से आमंत्रित होंगे
एक अधिकारी ने बताया, G-20 सम्मेलन दुनिया भर के पत्रकारों और अधिकारियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल को आकर्षित करेगा… ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे पूर्व देशों ने अन्य शहरों में कुछ मंत्रिस्तरीय बैठकें करने का विकल्प चुना है, जो भारत द्वारा भी अपनाया जा सकता है।





