घर पर कैसे करें होलिका पूजन? नोट करें सरल विधि, सामग्री, मुहूर्त और मंत्र

होली का त्योहार न केवल रंगों का उत्सव है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। साल 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन शाम को अग्नि प्रज्वलित करने से पहले ‘होलिका पूजन’ का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सही विधि से पूजा करने पर घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

आइए जानते हैं घर पर होलिका पूजन की सबसे सरल विधि, सामग्री और शुभ मुहूर्त-

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
2026 में होलिका दहन का मुहूर्त शाम 06:22 बजे से रात 08:53 बजे तक रहेगा।
कुल अवधि 02 घंटे 28 मिनट
भद्रा पूंछरात 01:25 बजे से 02:35 बजे तक (4 मार्च)
भद्रा मुखरात 02:35 बजे से तड़के 04:30 बजे तक (4 मार्च)

होलिका पूजन के लिए आवश्यक सामग्री

पूजन शुरू करने से पहले ये चीजें अपने पास रख लें:

एक लोटा जल
कच्चा सूत
अक्षत (साबुत चावल)
हल्
रोली
फूल और फूलों की माला
बताशे
गुड़
फल
गोबर से बने ‘बड़कुल्ले’ (गुलरियां)
मूंग की दाल
नई फसल की बालियां (गेहूं या चने की)

घर पर पूजन की सरल विधि
धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, होलिका पूजन हमेशा स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर करना चाहिए।

संकल्प: पूजन के समय अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। हाथ में थोड़ा जल और चावल लेकर अपनी मनोकामना का संकल्प करें।

अर्पण: सबसे पहले भगवान गणेश और फिर भक्त प्रह्लाद का ध्यान करें। होलिका पर जल छिड़कें और रोली-अक्षत चढ़ाएं।

सूत लपेटना: कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर 3 या 7 बार परिक्रमा करते हुए लपेटें। शास्त्रों के अनुसार, यह क्रिया परिवार की सुरक्षा का कवच तैयार करती है।

बालियां भूनना: पूजन के बाद नई फसल की बालियों को होलिका की अग्नि में हल्का भूनकर प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए। इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त और समय (3 मार्च, 2026)
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, होलिका दहन हमेशा ‘भद्रा’ रहित काल में ही करना चाहिए। 2026 में होलिका दहन का शुभ समय शाम को प्रदोष काल में रहेगा।

अगर आप सार्वजनिक होलिका दहन पर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर के आंगन में गोबर के उपले जलाकर प्रतीकात्मक रूप से पूजन कर सकते हैं।

होलिका पूजन के लाभ
पुराणों में वर्णित है कि जो व्यक्ति विधि-विधान से होलिका की पूजा करता है, उसके जीवन से रोग, भय और शत्रु बाधा दूर हो जाती है। यह समय आत्म-चिंतन और पुराने गिले-शिकवे मिटाकर नए सिरे से शुरुआत करने का होता है।

होलिका पूजन मंत्र
होलिका के लिए मंत्र- ॐ होलिकायै नम:
परमभक्त प्रह्लाद के लिए मंत्र- ॐ प्रह्लादाय नम:
भगवान नरसिंह के लिए मंत्र- ॐ नृसिंहाय न
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर आप होलिका दहन में कुछ चीजें अर्पित कर रहे हैं, तो उस दौरान इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है-

अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्।

Back to top button