गोरा बनाने वाली क्रीम कहीं खराब न कर दे किडनी?

इन दिनों सोशल मीडिया पर हर जगह तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की भरमार है। हर जगह ऐसे विज्ञापनों की भरमार है, जो रातों-रात गोरा बनाने या झुर्रियां गायब करने का दावा करते हैं।
हालांकि, असल में सच्चाई कुछ और ही है। दरअसल, इन चमकते विज्ञापनों का सच इन प्रोडक्ट्स के डिब्बे के पीछे छोटे अक्षरों में लिखी सामग्री (Ingredients) में छिपी होती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं क्यों जरूरी है ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदते समय लेबल पढ़ना जरूरी है और इस दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए:-
क्यों जरूरी है लेबल चेक करना?
हम अपनी त्वचा पर जो भी लगाते हैं, स्किन उसे धीरे-धीरे अब्जॉर्ब कर लेती है, जिससे यह हमारे शरीर के अंदर तक जाता है। सस्ते या बिना ब्रांड वाले स्किन ब्राइटनिंग प्रोडक्ट्स में मर्करी यानी पारा का काफी इस्तेमाल किया जाता है। इससे भले ही स्किन का रंग हल्का हो जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में मर्करी शरीर के लिए जहर के समान है।
इतना ही नहीं लंबे समय तक इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल स्किन को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ किडनी डैमेज, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और याददाश्त कमजोर होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है। साथ ही इसमें इस्तेमाल होने वाली खुशबू और प्रीजर्वेटिव्स जलन और एलर्जी का कारण बनते हैं।
कैसे चुनें सही प्रोडक्ट?
ऑयली स्किन: इस स्किन टाइप के लोगों के लिए सैलिसिलिक एसिड वाले प्रोडक्ट्स अच्छे होते हैं, जिसके इसकी मात्रा 0.5% से 2% के बीच हो। बिना ब्रांड वाले प्रोडक्ट्स में इसकी मात्रा ज्यादा हो सकती है।
ड्राई स्किन: अगर आपकी त्वचा रूखी है, तो सेरामाइड्स वाले मॉइस्चराइजर आपके लिए सबसे अच्छे होते हैं। किसी भी अच्छी क्रीम में इसकी 2% तक की मात्रा स्किन को रिपेयर करने के लिए बेहतरीन मानी जाती है।
सेंसिटिव स्किन: इस तरह के लोगों को हमेशा ऐसे प्रोडक्ट्स लेना चाहिए, जिसपर साफ लिखा हो ‘Fragrance-Free’ या ‘No Fragrance’ (बिना खुशबू वाला)।
क्या ‘हर्बल’ या ‘नेचुरल’ सुरक्षित होने की गारंटी है?
अक्सर यह माना जाता है कि ‘हर्बल’ या ‘नेचुरल’ प्रोडक्ट्स स्किन के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन ऐसा हमेशा हो, यह जरूरी नहीं। एक्सपर्ट्स की मानें, तो कुछ लोगों को पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों से भी गंभीर एलर्जी हो सकती है।





