गुजरात में कांग्रेस के 8 एमएलए के इस्तीफे, बाकी 65 विधायकों को बटाने होटल में रखे

अहमदाबाद.
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए गुजरात में सियासी सरगर्मी तेज हो गई
है. कांग्रेस ने अपने 65 विधायकों को तीन अलग-अलग रिजॉर्ट या होटल में रखा
है. जब से राज्यसभा चुनावों का एलान हुआ है, अबतक कांग्रेस के आठ विधायकों
ने इस्तीफा दे दिया है. दो दिन पहले कांग्रेस के कर्जन क्षेत्र से विधायक
अक्षय पटेल, करपाड़ा से जीतू चौधरी और मोर्बी से ब्रजेश मेरजा ने अपना
इस्तीफा दिया है.
कांग्रेस के एक
नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी ने 65 विधायकों को तीन अलग
रिजॉर्ट और होटल में रखा है. पार्टी के सूत्रों ने बताया कि 40 विधायकों को
राजकोट के नील सिटी होटल में रखा गया है और बाकी विधायकों को राजस्थान के
वाइल्ड विंड्स और वड़ोदरा के एक फार्म हाउस में रखा गया है.
नील सिटी होटल
के मालिक कांग्रेस नेता इंद्रनील राजगुरु हैं, जिन्होंने 2017 में विजय
रूपाणी के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ा था. कांग्रेस की ओर से यह कदम तब
उठाया गया जब ऐसी खबरें थीं कि 19 जून से पहले कांग्रेस के दो और विधायक
अपना इस्तीफा दे सकते हैं.
गुजरात में
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता जयराजसिंह परमार ने कहा कि होटल और रिजॉर्ट
में रुकने वाले विधायकों पर बाहर जाने की कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन यह कदम
इसलिए उठाया गया है, ताकि भाजपा, कांग्रेस के विधायकों को लेकर बल का
प्रयोग ना कर पाए. होटल में विधायकों को राज्यसभा चुनाव के बारे में
प्रशिक्षण दिया जाएगा और बताया जाएगा कि मतदान कैसे करना है.
हालांकि कोरोना
महामारी के बीच कांग्रेस के इस कदम की आलोचना की जा सकती है, क्योंकि होटल
में उपस्थित किसी विधायक ने मास्क नहीं पहन रखा है, लेकिन बीजेपी ने
कांग्रेस के इस कदम को पार्टी का आंतरिक मामला कहकर टाल दिया है. विधायकों
के इस्तीफे पर बीजेपी राज्य अध्यक्ष जीतू वघानी ने कहा कि सिर्फ गुजरात की
जनता ही नहीं बल्कि विधायक भी कांग्रेस के नेतृत्व पर भरोसा नहीं करते हैं.





