गर्मियों में घूमने के लिए बेस्ट है देश की ये खूबसूरत झीलें, मिलेगा प्राकृतिक नजारों का सुख

गर्मियों की छुट्टियों में सभी की चाहत होती है कि अपने परिवार संग घूमने के लिए ऐसी जगहों पर जाया जाए जो ठंडक प्रदान करें और अपने प्राकृतिक नजारों से दिल को खुश कर दे। ऐसे में घूमने के लिए देश की खूबसूरत झीलों से बेहतर क्या हो सकता हैं जो अपने नजारों से दिल को सुकून पहुंचाए। इसलिए आज हम आपके लिए देश की खूबसूरत झीलों से जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं। तो आइये जानते हैं इन झीलों के बारे में।

चंद्र ताल( हिमाचल प्रदेश)

4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील हिमाचल प्रदेश के स्पिति जिले में स्थित है। इसके नाम का अर्थ चांद की झील है जिसका यह नाम अर्द्ध चंद्र के आकार की वजह से पड़ा है। यहां जाने का सबसे अच्छा वक्त मई से मध्य सितम्बर तक है। यहां कैम्पिंग के लिए अच्छे स्थान है। इस झील की खास बात है कि इस झील में भरने वाले पानी का स्त्रोत कहीं नजर नहीं आता है जिस कारण माना जाता है कि इस झील में किसी भूमिगत स्त्रोत से पानी आता होगा।

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गुरूडोंगमार झील(सिक्किम)

विश्व की सबसे ऊंची झीलों में से एक यह झील नवम्बर से मई के महीनों के दौरान पूरी तरह जमी रहती है। एक किंवदंती के अनुसार स्थानीय लोगों के आग्रह पर गुरुनानक देव जी ने झील में एक जगह पर डांग(छड़ी) मार कर बर्फ तोड़ कर कहा था कि उस जगह पर पानी कभी नहीं जमेगा। लोगों का विश्वास है कि इसी वजह से आज भी इस झील का एक हिस्सा कभी नहीं जमता है। यहां तक पहुंचने के लिए राजधानी गैंगटोक से एक बेहद लम्बा रास्ता तय करना पड़ता है।

त्सो मोरिरी(लद्दाख)

लेह के दक्षिण-पूर्व में 250 किलोमीटर दूर बेहद ऊचांई पर स्थित त्सो मोरिरी झील विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों तथा जानवरों का आवास भी है। इस झील की सैर के दौरान कुछ खूबसूरत जीवों तथा पक्षियों से भी पर्यटकों का सामना होता है। रास्ते में ही गंधक युक्त गर्म पानी वाली चुमथांग स्प्रिंग्स भी आती है। इस झील तक जाने के लिए पहले परमिट लेना जरूरी है।

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लोकटक झील(मणिपुर)

मणिपुर के बिशनपुर जिले में स्थित यह एक बेहद खास झील है। यह विश्व की एकमात्र ऐसी झील है जिसमें तैरते हुए टापू पाए जाते हैं। 286 वर्ग मील में फैली यह झील अपने आप में एक अलग पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करती है। संकटग्रस्त ‘ब्रो एंटलरैड डियर’ नामक हिरण इसके टापुओं पर पाए जाते हैं। यह झील 64 तरह की मछलियों का भी घर है। यहां से सालाना 1500 टन मछलियां पकड़ी जाती है।

पैंगोंग झील(लेह)

आमिर खान और करीना कपूर ने ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ का क्लाइमैक्स इसी झील के किनारे फिल्माया गया था। इसके नाम का अर्थ लम्बी, संकरी, मनमोहक झील है। लेह से यहां तक पहुंचने में 5 घंटे लगते है। टूरिस्ट सीजन में झील का शानदार किनारा पर्यटकों के लिए खुला रहता है। ठहरने के लिए झील के निकट तम्बुओं या कमरों में से किसी को भी चुन सकते हैं।

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