खलिहान में लगी भीषण आग, ज्वार-चना की फसल जलकर खाक

बालोतरा के रोड़वा गांव में किसान के खेत स्थित खलिहान में अचानक आग लगने से ज्वार व चने की पूरी फसल जलकर राख हो गई। वहीं कल्याणपुर में गणेश धर्मकांटा एजेंसी में भी आगजनी हुई। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्थायी दमकल वाहन की मांग की है।

जिले में आगजनी की घटनाएं लगातार गंभीर रूप लेती जा रही हैं। रविवार को मंडली थाना क्षेत्र के रोड़वा गांव में एक किसान के खेत में बने फसल खलिहान में अचानक आग लगने से भारी नुकसान हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और किसान की ज्वार व चने की पूरी फसल जलकर राख हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खेत में बने खलिहान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें तेज हो गईं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और किसान को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पानी, रेत व मिट्टी से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए।

लोगों ने बताया कि रोड़वा गांव निवासी किसान बाबूलाल पालीवाल ने अपनी ज्वार और चने की फसल काटकर खेत में बने खलिहान में सुरक्षित रखी हुई थी। यही फसल उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार थी। आग की चपेट में आने से न केवल फसल बल्कि खलिहान में रखा अन्य कृषि सामान भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। हादसे में किसान को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के ग्रामीणों ने निजी टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। हालांकि जब तक आग पर नियंत्रण पाया गया, तब तक खलिहान में रखा सब कुछ जल चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर दमकल वाहन उपलब्ध होता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

आग की सूचना मिलते ही मंडली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं पटवारी सोहनलाल ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का आकलन किया और इसकी रिपोर्ट तैयार की। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कल्याणपुर में भी आगजनी
इसी बीच बालोतरा जिले के कल्याणपुर कस्बे में स्थित गणेश धर्मकांटा एजेंसी में भी आगजनी की सूचना सामने आई है। बताया गया है कि इस एजेंसी में 15 से अधिक मजदूर कार्यरत रहते हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि यह घटना क्षेत्र में बढ़ती आगजनी की समस्या की ओर गंभीर इशारा करती है।

प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय निवासी वनफूल सिंह अराबा ने बताया कि कल्याणपुर क्षेत्र में आए दिन आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। कभी किसानों के खेतों में रखी फसलें जल रही हैं, तो कभी गरीबों की झोपड़ियां आग की चपेट में आ रही हैं। कई बार सूखा चारा और आबादी से सटे अरण्य क्षेत्र भी आग की चपेट में आ चुके हैं लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में स्थायी अग्निशमन वाहन की व्यवस्था नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि आमजन जानकारी के अभाव में केवल मिट्टी और पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करता है, जबकि ऐसी घटनाओं की लिखित सूचना तहसील स्तर तक नहीं पहुंच पाती। इससे प्रशासनिक रिकॉर्ड में भी आगजनी की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती।

स्थानीय लोगों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है कि जब कल्याणपुर क्षेत्र के अंतर्गत 100 से अधिक गांव आते हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? बार-बार अग्निशमन वाहन की मांग किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि कल्याणपुर में स्थायी दमकल वाहन की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।

Back to top button