क्राइम ब्रांच के सवाल पूछने पर दाती बाबा ने कहा- ये केस मेरे खिलाफ है साजिश

- in गजब

पहले आसाराम फिर नारायण साईं. उसके बाद बाबा राम रहीम सिंह इंसा और अब दाती महाराज. सब पर एक इल्ज़ाम और सबका एक ही अंजाम… जेल. जी हां, बाबाओं की जमात में ये सबसे नए बाबा हैं. जिनकी कुंडली में जेल यात्रा का योग था. दुनिया को शनि के प्रकोप से बचाने वाले दाती महाराज से शनि ऐसा रूठा कि जेल जाने से बचा नहीं पाया. दाती ने आज तक को बताया कि ये मामला उनके खिलाफ साजिश है.

दाती महाराज ने आजतक को बताया कि यह मामला सचिन, अभिषेक और नवीन के बीच आर्थिक लेन-देन का है. इन सब ने मिलकर साजिश रची है. इस साजिश में लड़की उसके पिता और यह तमाम लोग शामिल हैं. दाती ने कहा कि उसने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भी यही बताया है.

दाती ने कहा कि लड़की, उसके पिता और इन तीनों की फोन रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए सच्चाई सामने आ जाएगी. उनका कहना था कि सचिन जैन ने 5 मई को उसे धमकाया था. अपने बाउंसर उसकी गाड़ी के आगे लगा दिए थे. अब दाती कह रहे हैं कि इस मामले में न्याय होना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

हफ्ते भर की लुकाछुपी के बाद दाती महाराज मंगलवार को पिछले दरवाज़े से दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे. इस उम्मीद के साथ वो खुद ही पुलिस के सामने हाज़िर हुए थे कि पूछताछ के बाद शायद बला टल जाए. मगर बजरंगबली के वार यानी मंगलवार के दिन शनि के उपासक दाती महाराज पुलिस के शिकंजे में फंस ही गए.

दाती महाराज के वकील ने सोमवार को क्राइम ब्रांच के सामने हाज़िर होने के लिए बुधवार तक की मोहलत मांगी थी. मोहलत मिल भी गई थी. मगर दाती महाराज बुधवार के बजाए मंगलवार को ही दोपहर 3 बजे के करीब दिल्ली क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंच गए.

हालांकि दाती ने क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचने से पहले ही अफसरों को इत्तेला दे दी थी ताकि क्राइम ब्रांच से पहले उन्हें मीडिया के सवालों का सामना ना करना पड़े. लिहाज़ा बाबा को क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचाने के लिए पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया और मीडिया को इसकी भनक तक नहीं लगी.

सोमवार को ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साफ कर दिया था अगर दाती महाराज बुधवार तक नहीं आए तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया जाएगा. दरअसल 10 जून को दाती की एक शिष्या ने उनपर अपने साथियों के साथ रेप करने जैसा संगीन इल्ज़ाम लगाया था.

लिहाज़ा तब से ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच उनसे पूछताछ करना चाहती थी. इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच ने सवालों की एक फेहरिस्त तैयार की थी. जिसकी तहत दाती महाराज से सख्ती से पूछताछ की गई और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उनसे जो सवाल पूछे उनकी जानकारी आजतक को मिली है. जिसके मुताबिक पुलिस ने पूछा कि

सवाल नंबर-1- खुद पर लगे बलात्कार के इल्ज़ाम पर आपको क्या कहना है?

सवाल नंबर-2- आप पीड़ित लड़की को कबसे और कैसे जानते हैं?

सवाल नंबर-3- पीड़ित लड़की ने जिन तारीखों पर बलात्कार की बात कही है उन दिनों में आप कहां थे?

सवाल नंबर-4- आपके सहआरोपी अर्जुन, अशोक, मां श्रद्धा का इस मामले में क्या रोल है?

सवाल नंबर-5- पीड़िता के अलावा भी क्या आपके किसी शिष्या से संबंध रहे हैं?

सवाल नंबर-6- आप इसे साज़िश बताते रहे हैं, मगर कैसे?

सवाल नंबर-7- अगर ये भक्तों की आपसी लड़ाई का नतीजा है तो आप पर इल्ज़ाम लगने की क्या वजह है?

सवाल नंबर-8- अभिषेक अग्रवाल ने आपको करोड़ों रुपये देने की बात कही है, वो रुपये कहां हैं, किसके हैं और कैसे कमाए गए?

सवाल नंबर-9- अग्रवाल के दुश्मन सचिन जैन को आपने इस साज़िश का मास्टरमाइंड बताया है, सचिन से आपकी क्या दुश्मनी है?

सवाल नंबर-10- अगर सचिन ने आपको फंसाने की धमकी दी थी तो आपने कानून की मदद क्यों नहीं ली?

करीब 7 घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस दाती के जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई, लिहाज़ा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उधर, इस मामले में साकेत कोर्ट ने भी दिल्ली की क्राइम ब्रांच से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. जबकि क्राइम ब्रांच अभी सबूतों को जुटाने के लिए कुछ वक्त और मांग सकती है.

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