क्या आपको भी है दोपहर में सोने की आदत? डॉक्टर बता रहे हैं इसे ‘साइलेंट किलर’

दोपहर के समय एक छोटी-सी झपकी लेना हममें से कई लोगों को बहुत पसंद होता है। दिनभर की थकान के बीच यह कुछ पल का सुकून जरूर देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डॉक्टर के अनुसार, दोपहर की नींद आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है?
हार्वर्ड की एक स्टडी ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि दोपहर में सोने की आदत दिल की बीमारियों, डायबिटीज और यहां तक कि समय से पहले मौत के खतरे को बढ़ा सकती है। आइए, डॉ. अदितिज धमीजा से डिटेल में जानते हैं इसके बारे में।
सोने से पहले जान लें ये 2 नियम
असल में, दोपहर की नींद अपने आप में बुरी नहीं है। खतरा तब पैदा होता है जब आप ‘गलत समय’ पर या ‘गलत अवधि’ के लिए सोते हैं। शरीर के लिए गलत समय या गलत तरीके से ली गई झपकी किसी जहर तरह काम करती है और आपकी सेहत को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती है।
घबराइए मत। डॉक्टर के मुताबिक, इसी हार्वर्ड स्टडी में यह भी बताया गया है कि आप खुद को इस खतरे से कैसे बचा सकते हैं। अगर आप दोपहर में सोना ही चाहते हैं और बीमारियों से भी बचना चाहते हैं, तो आपको बस इन दो आसान नियमों का पालन करना होगा:
सही अवधि: आपकी झपकी सिर्फ 10 से 30 मिनट के बीच की होनी चाहिए। इससे ज्यादा लंबी नींद आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।
सही समय: दोपहर की यह छोटी सी झपकी लेने का सबसे सुरक्षित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच का है। दोपहर 2 बजे के बाद भूलकर भी न सोएं।
सबसे जरूरी बात यह है कि आपको अपनी नींद का मुख्य हिस्सा रात में ही पूरा करना चाहिए। अगर आप रात में बिना किसी परेशानी के सुकून भरी नींद चाहते हैं, तो दोपहर में ज्यादा देर तक सोने से बचें।





